क्या मणिपुर में असम राइफल्स ने आतंकी हमले की निंदा की?

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क्या मणिपुर में असम राइफल्स ने आतंकी हमले की निंदा की?

सारांश

मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए आतंकी हमले ने सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है। इस हमले की निंदा करते हुए सुरक्षा अधिकारियों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और सरकार की कार्रवाई के बारे में।

मुख्य बातें

असम राइफल्स ने आतंकी हमले की निंदा की है।
तलाशी अभियान तेज किया गया है।
घायलों का उपचार रिम्स में किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने हमले की कड़ी निंदा की।
सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है।

इंफाल, 19 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। असम राइफल्स ने मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में शुक्रवार शाम को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की खोज के लिए तलाशी अभियान को तेज कर दिया है।

शाम 5.50 बजे, राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर नाम्बोल सबल लेईकाई में असम राइफल्स की टुकड़ी पर अज्ञात आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया। इस हमले में 33 असम राइफल्स के नायब सूबेदार श्याम गुरुंग (58) और राइफलमैन रंजीत सिंह कश्यप (29) शहीद हो गए, जबकि पांच अन्य जवान घायल हुए।

लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, एवीएसएम, एसएम, महानिदेशक असम राइफल्स, और सभी रैंकों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

आतंकी हमले के बाद घायलों को तुरंत इंफाल के क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर है। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है।

घायल जवानों में निंगथौखोंगजाम नोंगथोन (48, इंफाल पूर्वी), डीजे दत्ता (36, लखीमपुर, असम), बीके राय (58, सिक्किम), एलपी संगमा (46, तुरा, मेघालय), और सुभाषचंद्र (उत्तराखंड) शामिल हैं।

रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. सुनीलकुमार शर्मा ने कहा, "एक जवान को शिजा अस्पताल स्थानांतरित किया गया है, बाकी चार यहीं हैं और खतरे से बाहर हैं। अधिकांश को हड्डियों में चोटें हैं। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।"

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने रिम्स पहुंचकर घायल जवानों से मुलाकात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "यह कायराना कृत्य मणिपुर की शांति को भंग करने की साजिश है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कड़ी कार्रवाई करेगी।" सिंह ने केंद्र से अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की।

मणिपुर पुलिस के एडीजीपी (खुफिया) आशुतोष कुमार सिन्हा ने कहा, "हम इस हमले की निंदा करते हैं। आतंकियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू हो चुका है। असम राइफल्स और पुलिस संयुक्त रूप से संदिग्ध क्षेत्रों में छापेमारी कर रही हैं।"

रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। जिम्मेदारों को जल्द पकड़ा जाएगा।" केंद्र ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

शुरुआती जांच में पता चला कि हमलावरों ने अंधेरे का फायदा उठाकर स्वचालित हथियारों से हमला किया। 407 टाटा ट्रक में सवार टुकड़ी पर अचानक गोलीबारी शुरू हुई, जिससे भारी नुकसान हुआ। मणिपुर में हाल के महीनों में कुकी-मैतेई तनाव के बीच हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं, हालांकि इस हमले को किसी समुदाय से जोड़ने की पुष्टि नहीं हुई।

आतंकी हमला मणिपुर में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। असम राइफल्स ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आतंकी हमले में कितने जवान शहीद हुए?
आतंकी हमले में 33 असम राइफल्स के नायब सूबेदार श्याम गुरुंग और राइफलमैन रंजीत सिंह कश्यप शहीद हुए।
क्या हमले की जिम्मेदारी किसी ने ली है?
इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है।
घायलों की स्थिति क्या है?
घायलों को रिम्स में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है।
सरकार ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
केंद्र ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और असम राइफल्स ने तलाशी अभियान शुरू किया है।
क्या इस हमले को किसी समुदाय से जोड़ा गया है?
इस हमले को किसी विशेष समुदाय से जोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस