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पटना के बिहटा में STF मुठभेड़: बिदेशिया और पप्पू के पैर में गोली, पटना AIIMS रेफर

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पटना के बिहटा में STF मुठभेड़: बिदेशिया और पप्पू के पैर में गोली, पटना AIIMS रेफर

सारांश

पटना के बिहटा में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो कुख्यात अपराधी बिदेशिया उर्फ अमरेंद्र और पप्पू मुठभेड़ में घायल हुए। हत्या, रंगदारी और लूट के मामलों में वांछित दोनों को गिरफ्तार कर पटना AIIMS भेजा गया है।

मुख्य बातें

13 मई की देर रात 2:30 बजे पटना के बिहटा स्थित आनंदपुर गाँव में STF और पटना पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ हुई।
घायल अपराधियों की पहचान बिदेशिया उर्फ अमरेंद्र और पप्पू के रूप में हुई; दोनों के पैर में गोली लगी।
दोनों पर हत्या, रंगदारी और लूट के कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
घटनास्थल से हथियार और संदिग्ध वस्तुएँ बरामद; FSL टीम ने साक्ष्य संग्रह शुरू किया।
दोनों को बिहटा अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद पटना AIIMS रेफर किया गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही अपराधियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

पटना के बिहटा क्षेत्र में 13 मई की देर रात करीब 2:30 बजे विशेष कार्य बल (STF) और पटना पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी गोली लगने से घायल हो गए। घायलों की पहचान बिदेशिया उर्फ अमरेंद्र और पप्पू के रूप में की गई है। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद पटना AIIMS रेफर कर दिया गया है।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि बिहटा के निकट आनंदपुर गाँव के बधार में पटना के शीर्ष अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की नीयत से एकत्रित हुए हैं। इसी सूचना के आधार पर STF और पटना पुलिस की विशेष टीम ने संबंधित इलाके की घेराबंदी कर अपराधियों की गिरफ्तारी का अभियान शुरू किया।

जैसे ही पुलिस ने घेरा कसा, अपराधियों ने पहले फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बिदेशिया और पप्पू के पैर में गोली लगी और दोनों गिर पड़े। पुलिस ने तत्काल दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

घायलों का आपराधिक इतिहास

पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। बिदेशिया उर्फ अमरेंद्र और पप्पू पर हत्या, रंगदारी और लूट के कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों पटना के टॉप वांछित अपराधियों की सूची में शामिल बताए जाते हैं।

साक्ष्य संग्रह और जाँच

घटनास्थल से पुलिस ने हथियार और संदिग्ध वस्तुएँ बरामद की हैं। पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने साक्ष्य एकत्र करने का काम शुरू कर दिया। फरार अन्य अपराधियों की तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी जारी रखे हुए हैं।

सरकार की चेतावनी

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी दे चुके हैं कि वे अपराध का रास्ता छोड़ दें, अन्यथा पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। यह मुठभेड़ उसी नीति की एक कड़ी मानी जा रही है। बिहार पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों के बीच यह घटना प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में बढ़ते दबाव को दर्शाती है।

आगे की जाँच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य संदिग्धों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह भी उठता है कि क्या केवल मुठभेड़ें दीर्घकालिक अपराध नियंत्रण का विकल्प हो सकती हैं। पटना जैसे बड़े शहर में संगठित अपराध की जड़ें गहरी हैं और बिदेशिया-पप्पू जैसे अपराधियों की गिरफ्तारी तभी सार्थक होगी जब उनके नेटवर्क को भी ध्वस्त किया जाए। FSL जाँच और फरार साथियों की तलाश यह तय करेगी कि यह कार्रवाई महज एक घटना थी या व्यापक अभियान की शुरुआत।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना बिहटा मुठभेड़ में कौन-कौन घायल हुए?
मुठभेड़ में दो अपराधी — बिदेशिया उर्फ अमरेंद्र और पप्पू — घायल हुए। दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर पटना AIIMS में भर्ती कराया गया है।
यह मुठभेड़ कब और कहाँ हुई?
यह मुठभेड़ 13 मई की देर रात करीब 2:30 बजे पटना जिले के बिहटा क्षेत्र स्थित आनंदपुर गाँव के बधार में हुई। STF और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की।
घायल अपराधियों पर कौन-से मामले दर्ज हैं?
पुलिस के अनुसार बिदेशिया उर्फ अमरेंद्र और पप्पू पर हत्या, रंगदारी और लूट के कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों पटना के शीर्ष वांछित अपराधियों में शामिल बताए जाते हैं।
मुठभेड़ स्थल से क्या बरामद हुआ?
घटनास्थल से पुलिस ने हथियार और संदिग्ध वस्तुएँ बरामद की हैं। FSL की टीम मौके पर पहुँची और साक्ष्य संग्रह का काम शुरू कर दिया गया है।
बिहार सरकार का अपराधियों के प्रति क्या रुख है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अपराधी अपराध का रास्ता छोड़ दें, अन्यथा पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। यह मुठभेड़ उसी नीति के तहत की गई कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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