सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी 15% होने से ज्वेलरी शेयरों में 7% तक की गिरावट, MCX पर सोना ₹1.62 लाख पार

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सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी 15% होने से ज्वेलरी शेयरों में 7% तक की गिरावट, MCX पर सोना ₹1.62 लाख पार

सारांश

केंद्र सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया — और बाज़ार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। स्काई गोल्ड 7% टूटा, MCX पर सोना ₹1.62 लाख पार। यह कदम चालू खाते के घाटे को काबू में रखने की कोशिश है, लेकिन शादी के सीजन में आभूषण खरीदारों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की; प्लेटिनम पर 6.4% से 15.4% हुई।
स्काई गोल्ड एंड डायमंड का शेयर 7% गिरकर ₹442 पर; थंगामयिल ज्वेलरी 5.97% टूटकर ₹3,451 पर।
कल्याण ज्वेलर्स 5.54% गिरकर ₹342 ; टाइटन 0.59% की मामूली गिरावट के साथ ₹4,034 पर।
MCX पर सोना 5.71% उछलकर ₹1,62,198 ; चांदी 5.75% बढ़कर ₹2,95,111 पर।
सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा की बचत और चालू खाते के घाटे को कम करना बताया गया है।

केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी (आयात शुल्क) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के बाद 13 मई 2026 को घरेलू ज्वेलरी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसमें कुछ शेयर 7 प्रतिशत तक लुढ़क गए। इस फैसले का असर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दिखा, जहाँ सोने का भाव 5.71 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,62,198 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया।

किन शेयरों पर पड़ा सबसे ज़्यादा असर

स्काई गोल्ड एंड डायमंड का शेयर सुबह 11 बजे सबसे अधिक 7 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹442 पर कारोबार कर रहा था। कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 5.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ ₹342 पर था, जबकि दक्षिण भारत के प्रमुख ज्वेलर थंगामयिल ज्वेलरी का शेयर 5.97 प्रतिशत टूटकर ₹3,451 पर आ गया।

पी एन गाडगिल ज्वैलर्स का शेयर 1.53 प्रतिशत की कमजोरी के साथ ₹618 पर था। टाइटन कंपनी का शेयर अपेक्षाकृत कम प्रभावित रहा और 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹4,034 पर कारोबार कर रहा था।

कितनी बढ़ी कस्टम ड्यूटी

केंद्र सरकार के इस फैसले के तहत सोने और चांदी पर आयात शुल्क (उपकर सहित) 6 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। वहीं, प्लेटिनम पर आयात शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़कर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी एक बड़ा नीतिगत बदलाव है, जो सीधे तौर पर आयात की लागत को प्रभावित करती है।

सरकार का उद्देश्य क्या है

सरकारी सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में यह वृद्धि विदेशी मुद्रा की बचत, चालू खाते के घाटे को कम करने और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक मजबूती को बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार इस कदम में व्यापक आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक आर्थिक सुदृढ़ता का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

MCX पर सोना-चांदी में उछाल

कस्टम ड्यूटी बढ़ने के तुरंत बाद घरेलू कमोडिटी बाज़ार में कीमती धातुओं के भाव तेजी से चढ़े। MCX पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 5.71 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,62,198 पर था। चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 5.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,95,111 पर कारोबार कर रहा था। गौरतलब है कि सोने की कीमतों में यह उछाल उन उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालेगा जो शादी-ब्याह के सीजन में आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई ड्यूटी के कारण सोने की माँग अल्पकाल में कमज़ोर पड़ सकती है, जिसका असर ज्वेलरी कंपनियों के मार्जिन और बिक्री पर दिखेगा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता पहले से ही बनी हुई है और भारत का चालू खाता घाटा दबाव में है। आने वाले हफ्तों में इन कंपनियों की प्रबंधन टिप्पणियाँ और तिमाही अनुमानों में बदलाव बाज़ार की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जैसा 2013 में देखा गया था जब ड्यूटी 10% की गई थी। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि राजस्व लाभ अनौपचारिक चैनलों में रिसाव से ज़्यादा हो। ज्वेलरी उद्योग, जो लाखों कारीगरों को रोज़गार देता है, इस नीति की सबसे बड़ी कीमत चुकाएगा — और उनकी आवाज़ इस बहस में अब तक नदारद है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी कितनी बढ़ी है?
केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क (उपकर सहित) 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। प्लेटिनम पर यह 6.4 प्रतिशत से बढ़कर 15.4 प्रतिशत हो गई है।
ज्वेलरी शेयरों में इतनी गिरावट क्यों आई?
कस्टम ड्यूटी बढ़ने से सोने की आयात लागत बढ़ जाती है, जिससे ज्वेलरी कंपनियों के मार्जिन और माँग दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। निवेशकों ने इस नीतिगत बदलाव को कंपनियों की आय के लिए नकारात्मक संकेत मानते हुए बिकवाली की।
MCX पर सोने और चांदी का भाव कितना हो गया?
MCX पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 5.71 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,62,198 पर पहुँच गया। चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 5.75 प्रतिशत बढ़कर ₹2,95,111 पर था।
सरकार ने कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का फैसला क्यों किया?
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम विदेशी मुद्रा की बचत, चालू खाते के घाटे को कम करने और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक स्थिरता को मज़बूत करने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इससे आवश्यक आयातों को प्राथमिकता दी जा सकेगी।
इस फैसले का आम उपभोक्ताओं पर क्या असर होगा?
सोने और चांदी की घरेलू कीमतें बढ़ने से आभूषण खरीदना महँगा हो जाएगा, खासकर शादी-ब्याह के सीजन में। जो परिवार आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब काफी अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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