सोना ₹1,54,224 के पार, चांदी ₹2,82,006 पर; वैश्विक तनाव से कीमती धातुओं में तेजी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार, 12 मई को सोने और चांदी दोनों में तेज़ उछाल दर्ज किया गया। सोना ₹1,54,224 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,82,006 प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई — दोनों कीमती धातुओं में 1.33 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता, विशेष रूप से अमेरिका-ईरान तनाव, को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
MCX पर सोने का कारोबार
सोने का 05 जून 2026 का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग ₹1,53,663 के मुकाबले ₹336 (0.22 प्रतिशत) की तेजी के साथ ₹1,53,999 पर खुला। सुबह 10 बजे IST तक सोना ₹561 (0.37 प्रतिशत) की बढ़त के साथ ₹1,54,224 पर कारोबार कर रहा था। दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,53,851 का न्यूनतम और ₹1,54,243 का उच्चतम स्तर छुआ।
चांदी में उछाल, ₹2.80 लाख के पार
चांदी का 3 जुलाई 2026 का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग ₹2,78,311 के मुकाबले ₹1,988 (0.70 प्रतिशत) की तेजी के साथ ₹2,80,229 पर खुला। खबर लिखे जाने तक चांदी ₹3,695 (1.33 प्रतिशत) की बढ़त के साथ ₹2,82,006 पर पहुँच चुकी थी। दिन के कारोबार में चांदी ने ₹2,82,755 का उच्चतम और ₹2,79,244 का न्यूनतम स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी तेजी
वैश्विक बाज़ार में भी कीमती धातुओं में मज़बूती बनी रही। COMEX पर सोना 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ $4,733 प्रति औंस और चांदी 1.05 प्रतिशत की तेजी के साथ $86 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। गौरतलब है कि वैश्विक अस्थिरता के चलते सोने ने डॉलर में बीते एक वर्ष में 47 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में 12 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
अमेरिका-ईरान तनाव: तेजी की मुख्य वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान का शांति प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी आर्थिक नाकेबंदी और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम जैसे विवादास्पद मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
दीर्घकालिक रिटर्न: चांदी का शानदार प्रदर्शन
वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में चांदी ने बीते एक वर्ष में 166 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में 63 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है — जो सोने के प्रदर्शन से भी कहीं आगे है। विश्लेषकों के अनुसार जब तक वैश्विक तनाव बना रहेगा, कीमती धातुओं में यह तेजी जारी रह सकती है।