अमेरिका-ईरान तनाव के बीच MCX पर सोना ₹1,51,514 और चांदी ₹2,40,400 पर फिसली, आधा प्रतिशत तक की गिरावट
सारांश
Key Takeaways
- MCX पर सोना 28 अप्रैल 2026 को ₹207 की गिरावट के साथ ₹1,51,514 प्रति 10 ग्राम पर था।
- चांदी ₹1,424 टूटकर ₹2,40,400 प्रति किलोग्राम पर आ गई, गिरावट 0.59 प्रतिशत।
- COMEX पर सोना 4,680 डॉलर और चांदी 74.48 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
- बीते एक साल में डॉलर में सोने ने 40%25 से अधिक और चांदी ने 126%25 से अधिक रिटर्न दिया है।
- अमेरिका ने ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकराया; होर्मुज़ स्ट्रेट और परमाणु कार्यक्रम पर एकसाथ समाधान की माँग।
मुंबई में मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतें गिरावट के साथ खुलीं, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम आधा प्रतिशत तक कम हो गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी धातुओं पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव इस उतार-चढ़ाव की प्रमुख वजह मानी जा रही है।
MCX पर सोने का हाल
MCX पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹1,51,721 के मुकाबले कमज़ोरी के साथ ₹1,51,700 पर खुला। सुबह 9:50 बजे IST तक यह 0.14 प्रतिशत यानी ₹207 की गिरावट के साथ ₹1,51,514 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। आज के कारोबार में सोने ने ₹1,51,500 का न्यूनतम और ₹1,51,802 का उच्चतम स्तर छुआ है।
MCX पर चांदी का हाल
चांदी का 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹2,41,824 के मुकाबले ₹2,40,490 पर खुला। फिलहाल यह 0.59 प्रतिशत यानी ₹1,424 की गिरावट के साथ ₹2,40,400 प्रति किलोग्राम पर था। आज के कारोबार में चांदी ने ₹2,40,218 का न्यूनतम और ₹2,41,250 का उच्चतम स्तर छुआ है। यह दर्शाता है कि दोनों धातुओं में एक सीमित दायरे में ही कारोबार हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में स्थिति
वैश्विक बाज़ारों में भी धातुओं पर दबाव बना हुआ है। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 0.27 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 4,680 डॉलर प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.48 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। गौरतलब है कि बीते एक साल में डॉलर में सोने ने 40 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 126 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है, जो कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित कर रहा है। आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच शांति वार्ता में बड़े उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं। ईरान ने अमेरिका को दिए अपने प्रस्ताव में होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की तैयारी जताई थी और अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी हटने के बाद परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने को तैयार था। हालाँकि, अमेरिका ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। अमेरिका का मानना है कि दोनों मुद्दों — होर्मुज़ और परमाणु कार्यक्रम — का हल एक साथ निकाला जाना चाहिए, अन्यथा उसका पक्ष कमज़ोर हो जाएगा।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर सतर्क हैं। अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा और डॉलर की चाल आने वाले सत्रों में सोने-चांदी की कीमतों को निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तनाव बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश की माँग के चलते धातुओं में तेज़ी लौट सकती है।