भारत के MEI सेक्टर में रोजगार 6.6%25 बढ़ा, 70%25 कंपनियाँ और भर्ती की तैयारी में
सारांश
Key Takeaways
- भारत के MEI सेक्टर में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में रोजगार में 6.6 प्रतिशत की शुद्ध बढ़ोतरी, पिछले वर्ष के 5.5 प्रतिशत से अधिक।
- करीब 70 प्रतिशत कंपनियाँ कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना में; 23 उद्योगों के 1,268 नियोक्ताओं के सर्वेक्षण पर आधारित रिपोर्ट।
- गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में सेमीकंडक्टर निवेश से 2026-28 के बीच लगभग 10 लाख नौकरियाँ पैदा होने का अनुमान।
- चेन्नई में सर्वाधिक 24 प्रतिशत भर्ती वृद्धि की संभावना; पुणे (20%25) और बेंगलुरु (18%25) पीछे।
- MEI सेक्टर में वेतन वृद्धि 9.4 प्रतिशत अनुमानित — आईटी, बैंकिंग और इंश्योरेंस से अधिक।
भारत के मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर (MEI) सेक्टर में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में रोजगार में 6.6 प्रतिशत की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष के 5.5 प्रतिशत से काफी अधिक है। 28 अप्रैल को जारी टीमलीज सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, यह सेक्टर अब देश के शीर्ष तीन सर्वाधिक भर्ती करने वाले क्षेत्रों में शामिल हो गया है।
भर्ती का रुझान और प्रमुख आँकड़े
23 उद्योगों के 1,268 नियोक्ताओं के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 70 प्रतिशत कंपनियाँ अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही हैं। इंजीनियरिंग सेक्टर में 33 प्रतिशत कंपनियाँ भर्ती बढ़ाने के इरादे में हैं, जबकि 46 प्रतिशत कंपनियाँ अपनी मौजूदा कर्मचारी संख्या स्थिर रखेंगी। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा वर्ष है जब MEI सेक्टर में भर्ती दर में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है।
सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी से नौकरियों का उभार
टीमलीज सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालासुब्रमणियन ए. ने कहा कि एमईआई सेक्टर अब रिकवरी फेज से आगे निकल चुका है और रोजगार में यह बढ़ोतरी सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ते निवेश का नतीजा है। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में सेमीकंडक्टर निवेश से 2026-28 के बीच लगभग 10 लाख नौकरियाँ पैदा हो सकती हैं। इनमें फैब्रिकेशन, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग, पैकेजिंग (ATMP), चिप डिजाइन और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
किन भूमिकाओं और शहरों में सबसे ज्यादा माँग
प्लांट इंजीनियरिंग, ऑटोमेशन इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, ATMP ऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग रोल्स में सर्वाधिक माँग बनी हुई है। शहरों में चेन्नई सबसे आगे है, जहाँ 24 प्रतिशत तक भर्ती बढ़ने की संभावना है। इसके बाद पुणे (20 प्रतिशत) और बेंगलुरु (18 प्रतिशत) का स्थान है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
इंडस्ट्री 4.0 और डिजिटल कौशल की बढ़ती माँग
रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि इंडस्ट्री 4.0 के बढ़ते उपयोग से अब अधिक डिजिटल और उच्च कौशल वाले कर्मचारियों की माँग तेजी से बढ़ रही है, खासकर प्लांट ऑपरेशन और इंजीनियरिंग डिजाइन में। नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन, क्लीन टेक मैन्युफैक्चरिंग और PLI योजनाओं के जरिए पूरे सेक्टर में रोजगार के अवसर व्यापक रूप से बढ़ रहे हैं।
वेतन वृद्धि में MEI सेक्टर सबसे आगे
वित्त वर्ष 2026-27 में MEI सेक्टर में वेतन वृद्धि 9.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो आईटी (8.9 प्रतिशत), बैंकिंग (8.8 प्रतिशत) और इंश्योरेंस (8.7 प्रतिशत) से अधिक है। चेन्नई और पुणे में वेतन वृद्धि सबसे अधिक 9.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह रुझान दर्शाता है कि MEI सेक्टर न केवल रोजगार सृजन बल्कि कर्मचारियों की आय के मामले में भी अन्य प्रमुख क्षेत्रों को पीछे छोड़ रहा है।