हॉर्मुज स्ट्रेट से पहली बार निकला एलएनजी टैंकर, 28 फरवरी से थी आवाजाही बंद
सारांश
Key Takeaways
- 28 फरवरी से तनाव शुरू होने के बाद पहली बार एलएनजी टैंकर मुबाराज हॉर्मुज स्ट्रेट से निकला।
- अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दास द्वीप प्लांट से लोड हुआ यह टैंकर 15 मई तक चीन पहुँचने का अनुमान है।
- हॉर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और गैस का निर्यात होता है।
- टैंकर के ट्रांसमिशन सिग्नल 31 मार्च के करीब बंद हुए, भारत के पास आने पर फिर शुरू हुए।
- ईरान ने शांति प्रस्ताव में हॉर्मुज खोलने का वादा किया, लेकिन परमाणु मुद्दे पर गतिरोध के कारण अमेरिका ने प्रस्ताव ठुकराया।
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से तनाव शुरू होने के बाद पहली बार कोई लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) टैंकर हॉर्मुज स्ट्रेट से निकलने में सफल रहा है। मंगलवार, 28 अप्रैल को जारी रिपोर्ट्स में यह जानकारी सामने आई, जो कई हफ्तों की भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बाद एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
मुबाराज टैंकर का सफर
शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दास द्वीप प्लांट से मार्च की शुरुआत में एलएनजी लोड करने वाला टैंकर मुबाराज भारत के दक्षिणी छोर से गुजरा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टैंकर के ट्रांसमिशन सिग्नल 31 मार्च के करीब बंद हो गए थे और भारत के करीब पहुँचने पर सिग्नल फिर से शुरू हुए।
शिप ट्रैकिंग डेटा में यह भी बताया गया कि टैंकर मुबाराज का गंतव्य स्थान चीन है और इसके 15 मई तक वहाँ पहुँचने का अनुमान है।
हॉर्मुज स्ट्रेट की अहमियत
फारस की खाड़ी में स्थित यह संकरा जलमार्ग दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आँकड़ों के अनुसार, इस रास्ते से विश्व के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और गैस का निर्यात होता है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से इस स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही कथित तौर पर करीब-करीब बंद हो गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब हाल के हफ्तों में कतर से एलएनजी ले जाने वाले कई जहाज हॉर्मुज स्ट्रेट के पास पहुँचे थे, लेकिन लगातार भू-राजनीतिक तनाव के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा था।
ईरान और अमेरिका की स्थिति
रिपोर्ट्स के अनुसार, तनाव के कारण ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। वहीं, अमेरिका ने भी हॉर्मुज स्ट्रेट से आने-जाने वाले ईरानी जहाजों को पूरी तरह से ब्लॉक किया हुआ है। गौरतलब है कि यह दोनों पक्षों की ओर से एक साथ की गई नाकेबंदी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
शांति वार्ता और आगे की राह
ईरान-अमेरिका के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत कथित तौर पर जारी है। ईरान ने अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव दिया है, जिसमें हॉर्मुज स्ट्रेट खोलने का वादा किया गया है। हालाँकि, परमाणु मुद्दे पर सहमति न बन पाने के कारण अमेरिका ने फिलहाल इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। टैंकर मुबाराज का सफलतापूर्वक निकलना इस संकट में पहली सकारात्मक हलचल मानी जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक राजनयिक समाधान नहीं निकलता, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना रहेगा।