सेंसेक्स 203 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,042 पर; कच्चे तेल की तेजी और बैंकिंग बिकवाली से बाजार दबाव में
सारांश
Key Takeaways
- BSE सेंसेक्स 28 अप्रैल को सुबह 203 अंक (0.25%25) गिरकर 77,099 पर खुला।
- निफ्टी 50 भी 50 अंक (0.24%25) की गिरावट के साथ 24,042 पर था।
- निफ्टी बैंक आधा प्रतिशत से अधिक गिरा; फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और हेल्थकेयर भी लाल निशान में।
- ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 97.38 डॉलर प्रति बैरल पर — कीमतें 110 डॉलर के करीब।
- निफ्टी मिडकैप 100 157 अंक (0.26%25) चढ़कर 60,405 पर; स्मॉलकैप में भी तेजी।
- अमेरिका द्वारा ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकराए जाने से भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों में उछाल।
BSE सेंसेक्स मंगलवार, 28 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में 203 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,099 पर था, जबकि निफ्टी 50 भी 50 अंक यानी 0.24 प्रतिशत टूटकर 24,042 पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँचने और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमज़ोर किया।
मुख्य घटनाक्रम
सुबह 9:17 बजे IST पर दर्ज आँकड़ों के अनुसार बाजार में कमज़ोरी का मुख्य कारण कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतें रहीं। निफ्टी बैंक इंडेक्स आधा प्रतिशत से अधिक गिरा, जिससे व्यापक बाजार पर दबाव बना। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी फार्मा, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी हेल्थकेयर भी लाल निशान में रहे।
दूसरी तरफ, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसई, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी ऑटो हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जो दर्शाता है कि गिरावट सर्वव्यापी नहीं थी।
मिडकैप और स्मॉलकैप में राहत
लार्जकैप की कमज़ोरी के बावजूद निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 157 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,405 पर था। निफ्टी स्मॉलकैप भी 103 अंक की बढ़त के साथ 18,004 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि खुदरा निवेशकों का रुझान छोटी और मझोली कंपनियों की ओर बना रहा।
गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एमएंडएम, एलएंडटी, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, मारुति सुजुकी, टाइटन, आईटीसी, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड और सन फार्मा बढ़त में थे। वहीं एसबीआई, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, ट्रेंड, एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, एचयूएल और एचडीएफसी बैंक दबाव में थे।
कच्चे तेल और वैश्विक संकेत
कॉमेक्स पर ब्रेंट क्रूड का दाम 0.97 प्रतिशत बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.05 प्रतिशत चढ़कर 97.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कच्चे तेल में यह तेजी ऐसे समय पर आई है जब अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने और अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी हटने के बाद परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की पेशकश की थी, लेकिन अमेरिका का मानना है कि दोनों मुद्दों का एकसाथ समाधान ज़रूरी है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुझान रहा — टोक्यो, शंघाई और हांगकांग लाल निशान में थे, जबकि बैंकॉक और सोल हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार में सोमवार को डाओ जोन्स 0.13 प्रतिशत की गिरावट और नैस्डैक 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
आगे क्या
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, जब तक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती और ईरान-अमेरिका भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र पर दबाव बने रहने की आशंका है। निवेशक अब वैश्विक संकेतों और घरेलू कॉर्पोरेट नतीजों पर नज़र रखेंगे।