लीबिया में तेल-गैस खोज: ऑयल इंडिया और इंडियन ऑयल की वैश्विक ऊर्जा उपस्थिति को नई मजबूती
सारांश
Key Takeaways
- ऑयल इंडिया और इंडियन ऑयल ने लीबिया के घदामेस बेसिन में SIPEX के साथ मिलकर तेल और गैस की सफल खोज की।
- कुएँ की गहराई 8,440 फीट; परीक्षण में प्रतिदिन 1.3 करोड़ क्यूबिक फीट गैस और 327 बैरल कंडेनसेट का उत्पादन।
- सरकार का लक्ष्य घरेलू कच्चे तेल उत्पादन को 2030 तक 3.5 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुँचाना।
- मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने HELP, डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड पॉलिसी सहित कई नीतियों का उल्लेख किया।
- ऑयल इंडिया का शेयर 3.85%25 चढ़कर ₹494 पर; IOCL 0.37%25 गिरकर ₹145 पर।
ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने अल्जीरिया की कंपनी SIPEX के साथ मिलकर लीबिया के घदामेस बेसिन में तेल और प्राकृतिक गैस की सफल खोज की है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार, 28 अप्रैल को इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए कहा कि यह खोज भारतीय ऊर्जा कंपनियों के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
खोज का विवरण: कहाँ और कितना
यह खोज कॉन्ट्रैक्ट एरिया 95/96 में हुई है, जहाँ कुओं को 8,440 फीट की गहराई तक खोदा गया। परीक्षण के दौरान इस कुएँ ने अविनात वानिन और अविन काजा संरचनाओं से प्रतिदिन 1.3 करोड़ क्यूबिक फीट गैस और 327 बैरल कंडेनसेट का उत्पादन दर्ज किया। भारतीय कंसोर्टियम में OIL और IOCL ऑपरेटर की भूमिका में हैं, जबकि SIPEX स्थानीय साझेदार है।
सरकार की प्रतिक्रिया और रणनीतिक महत्व
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दोनों कंपनियों को बधाई दी। मंत्रालय ने कहा कि यह खोज रणनीतिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के महत्व को रेखांकित करती है और राष्ट्रीय तेल कंपनियों द्वारा विदेशी संपत्तियों के अधिग्रहण के ज़रिये भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक है। गौरतलब है कि यह खोज ऐसे समय में आई है जब भारत कच्चे तेल के आयात पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रहा है।
घरेलू उत्पादन लक्ष्य और नीतिगत ढाँचा
इसी महीने बजट सत्र के दौरान सरकार ने बताया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती माँग को देखते हुए घरेलू कच्चे तेल का उत्पादन वर्तमान लगभग 2.9 करोड़ टन से बढ़ाकर 2030 तक 3.5 करोड़ मीट्रिक टन करने का लक्ष्य तय किया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्पादन-साझाकरण अनुबंध व्यवस्था के तहत हाइड्रोकार्बन खोजों का शीघ्र मुद्रीकरण, डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड पॉलिसी, हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) और उत्पादन-साझाकरण अनुबंधों का विस्तार जैसी नीतियाँ लागू की जा रही हैं।
शेयर बाज़ार पर असर
इस खबर के बाद ऑयल इंडिया का शेयर सुबह 11:30 बजे IST पर 3.85%25 की बढ़त के साथ ₹494 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का शेयर 0.37%25 की मामूली गिरावट के साथ ₹145 पर था। विश्लेषकों के अनुसार लीबिया खोज से दीर्घकालिक आय संभावनाएँ बेहतर हो सकती हैं, हालाँकि निकट भविष्य में उत्पादन पर असर सीमित रहने का अनुमान है।
आगे की राह
मंत्रालय ने कंसोर्टियम को इस संपत्ति से अधिकतम लाभ प्राप्त करने की दिशा में निरंतर सफलता की कामना की है। यह खोज भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियाँ अफ्रीका, मध्य एशिया और लैटिन अमेरिका में विदेशी संपत्तियाँ अर्जित कर रही हैं। आने वाले महीनों में इस ब्लॉक के पूर्ण उत्पादन मूल्यांकन की रिपोर्ट अपेक्षित है।