जैसलमेर में 46.4°C: अप्रैल का नया रिकॉर्ड, राजस्थान भीषण लू की चपेट में
सारांश
Key Takeaways
- जैसलमेर में 28 अप्रैल 2026 को 46.4°C दर्ज — अप्रैल माह का नया रिकॉर्ड, पिछला रिकॉर्ड 46.3°C (18 अप्रैल 2025) था।
- कोटा में पारा 45.7°C — 8 साल का रिकॉर्ड टूटा; जयपुर में 43.5°C, सामान्य से 3.2°C अधिक।
- गंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ में गरज-बारिश और ओलावृष्टि — सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से अस्थायी राहत।
- जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने 11 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया; 2 जिलों में लू की आशंका बरकरार।
- जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूल बंद करने का अधिकार; माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूल समय बदलने की अनुमति दी।
राजस्थान के जैसलमेर में 28 अप्रैल 2026 को अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया — जो अप्रैल माह का नया रिकॉर्ड है। यह आँकड़ा 18 अप्रैल 2025 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह हाल के वर्षों की सबसे भीषण गर्मी की घटनाओं में से एक है।
मुख्य घटनाक्रम
पिछले 24 घंटों में राज्य के सभी प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और जयपुर के कुछ हिस्सों में भीषण लू की स्थिति दर्ज की गई। अजमेर में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा, और हल्की हवाओं के बावजूद राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिखी।
कोटा में रविवार को पारा 45.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जिसने आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जयपुर में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ — जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है — जबकि न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से 6.5 डिग्री अधिक है। उदयपुर में भी लगातार कई दिनों से अधिकतम तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
आंशिक राहत: बारिश और ओलावृष्टि
दोपहर भर भीषण गर्मी झेलने के बाद, कई जिलों में मौसम ने करवट ली। गंगानगर, बीकानेर और हनुमानगढ़ सहित कई क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश हुई, जबकि बीकानेर और गंगानगर के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली। सोमवार शाम तक चूरू, झुंझुनू, सीकर, नागौर और अलवर में धूल भरी हवाएँ और हल्की बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ।
मौसम विभाग का अलर्ट
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने 11 जिलों में आँधी-तूफान और बारिश के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। हालाँकि, दो जिलों में लू चलने की आशंका अभी भी बनी हुई है, जो राज्य भर में मिश्रित मौसम का संकेत देती है। सीकर में दिन भर 42 डिग्री की गर्मी के बाद शाम को तेज हवाएँ और हल्की बारिश हुई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए नगरपालिका अधिकारियों ने शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव किया। जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर स्कूल की छुट्टियाँ घोषित करने का अधिकार दिया गया है। इससे पहले, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूल के समय में बदलाव की अनुमति दी थी। अभेदा जैविक उद्यान, कोटा के अधिकारियों ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए पानी के तालाबों सहित विशेष व्यवस्था की है।
आगे क्या उम्मीद है
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से अगले कुछ दिनों में कुछ जिलों में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन राजस्थान के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है। गौरतलब है कि राजस्थान में हर साल अप्रैल-मई में लू का प्रकोप होता है, लेकिन इस वर्ष तापमान ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़े हैं — जो जलवायु परिवर्तन के व्यापक संदर्भ में चिंता का विषय है।