हीटवेव में खुद को बचाएं: आयुष मंत्रालय ने जारी किए ज़रूरी फर्स्ट एड टिप्स, दिल्ली में पारा 40°C पार
सारांश
Key Takeaways
- आयुष मंत्रालय ने 28 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया पर हीटवेव फर्स्ट एड टिप्स जारी किए।
- दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
- हीटवेव के लक्षणों में चक्कर, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना और बेहोशी शामिल हैं।
- दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की विशेष सलाह दी गई।
- बेहोश व्यक्ति को जबरदस्ती पानी न दें; ओआरएस, नींबू पानी या नारियल पानी हाइड्रेशन के लिए उपयोगी।
- कैफीन और शराब से दूरी बनाएं — ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं।
नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2026: आयुष मंत्रालय ने हीटवेव से बचाव के लिए ज़रूरी फर्स्ट एड दिशानिर्देश जारी किए हैं, जब राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आम लोगों को सचेत किया है कि गर्मी में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।
हीटवेव में शरीर पर क्या होता है असर
आयुष मंत्रालय के अनुसार, हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान तेज़ी से बढ़ता है और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है। इसके प्रमुख लक्षणों में चक्कर आना, कमज़ोरी, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना और गंभीर स्थिति में बेहोशी शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में लू की चेतावनी जारी की है।
तत्काल राहत के लिए क्या करें
मंत्रालय ने सलाह दी है कि जैसे ही चक्कर या बेचैनी का अनुभव हो, सबसे पहले किसी ठंडी या छायादार जगह पर चले जाएं — सीधी धूप में रहना खतरे को और बढ़ा सकता है। इसके बाद ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिल सके, और बार-बार पानी पीते रहें। ओआरएस, नींबू पानी या नारियल पानी भी शरीर को जल्दी पुनः हाइड्रेट करने में सहायक होते हैं।
अगर किसी को अधिक गर्मी लग रही हो, तो उसके शरीर पर हल्के ठंडे पानी से स्पंज करना तापमान को धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है। गौरतलब है कि अगर कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो उसे जबरदस्ती पानी या कोई भी खाद्य-पेय पदार्थ न दें — यह और खतरनाक हो सकता है।
धूप में निकलने से बचें, खासकर इस समय
मंत्रालय ने विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है, क्योंकि इस अवधि में सूर्य की किरणें सबसे तीव्र होती हैं। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर ढककर रखें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
खानपान का रखें विशेष ध्यान
हीटवेव के दौरान हल्का और ताज़ा भोजन करना बेहतर होता है। तला-भुना या भारी भोजन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इसके साथ ही कैफीन और शराब जैसे पदार्थों से दूरी बनाना ज़रूरी है, क्योंकि ये शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में रोज़ाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना आवश्यक है।
आगे क्या करें
आयुष मंत्रालय की यह सलाह उन लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो खुले में काम करते हैं या जिनके घरों में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि लक्षण गंभीर होने पर तुरंत नज़दीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें — समय पर उपचार ही हीटस्ट्रोक को जानलेवा होने से रोक सकता है।