चंद्रबाबू नायडू और वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड एआई हब का भूमि पूजन किया, ₹1.26 लाख करोड़ का FDI
सारांश
Key Takeaways
- चंद्रबाबू नायडू और अश्विनी वैष्णव ने 28 अप्रैल 2026 को विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब का भूमि पूजन किया।
- गूगल इस परियोजना में करीब $15 अरब डॉलर का निवेश करेगा — भारत के इतिहास का सबसे बड़ा FDI।
- परियोजना के साझेदार अदाणीकनेक्स और एयरटेल नेक्सट्रा हैं; लक्ष्य सितंबर 2028 तक पूर्ण करना।
- नायडू ने इसे एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बताया; आंध्र प्रदेश एआई डेटा गेटवे के रूप में उभरेगा।
- वैष्णव ने कहा कि मेक इन इंडिया के तहत मोबाइल फोन अब देश का सर्वाधिक निर्यातित उत्पाद बन चुका है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 अप्रैल 2026 को विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब का भूमि पूजन किया। इस परियोजना में गूगल करीब $15 अरब डॉलर (लगभग ₹1.26 लाख करोड़) का निवेश करेगा, जो देश के इतिहास का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बताया जा रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट को सितंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना में क्या शामिल है
गूगल के इस एआई हब में अदाणीकनेक्स और एयरटेल नेक्सट्रा प्रमुख साझेदार हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने भूमि पूजन समारोह में गूगल और उसके साझेदारों से सितंबर 2028 तक परियोजना पूरी करके उद्घाटन करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
नायडू ने इसे एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बताया और कहा कि आंध्र प्रदेश देश के लिए एआई डेटा गेटवे के रूप में उभरेगा। उन्होंने विशाखापत्तनम को इस परियोजना के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थान करार देते हुए कहा कि 60 दिनों के भीतर गोदावरी नदी से शहर में पानी लाया जाएगा ताकि डेटा सेंटर के लिए जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री नायडू का संबोधन
भूमि पूजन समारोह में बोलते हुए नायडू ने गूगल के इस निवेश को विशाखापत्तनम ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गेम चेंजर बताया। उन्होंने तीन दशक पहले का उल्लेख करते हुए कहा कि जब उन्होंने साइबराबाद को एक आईटी सिटी के रूप में स्थापित करने की नींव रखी थी, वह आज वेल्थ क्रिएशन का केंद्र बन चुका है।
नायडू ने कहा,