हीटवेव के बीच केंद्र की बड़ी एडवाइजरी: श्रमिकों के लिए पानी, कूलिंग और लचीले कार्य घंटे अनिवार्य

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हीटवेव के बीच केंद्र की बड़ी एडवाइजरी: श्रमिकों के लिए पानी, कूलिंग और लचीले कार्य घंटे अनिवार्य

सारांश

देश में भीषण गर्मी के बीच केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने राज्यों को सख्त एडवाइजरी जारी की है — पानी, कूलिंग, लचीले कार्य घंटे और नियमित स्वास्थ्य जाँच अनिवार्य। सबसे ज़्यादा ख़तरे में हैं निर्माण मजदूर, ईंट भट्ठा श्रमिक और दिहाड़ी मजदूर, जिनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

Key Takeaways

  • केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 28 अप्रैल 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हीटवेव एडवाइजरी जारी की।
  • नियोक्ताओं को पेयजल, विश्राम क्षेत्र, कूलिंग व्यवस्था और लचीले कार्य घंटे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
  • कारखानों और खदानों में अत्यधिक गर्मी के दौरान दो-सदस्यीय दल नियुक्त करने और काम की गति धीमी करने की सलाह।
  • निर्माण श्रमिकों, ईंट भट्ठा मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों पर विशेष ध्यान देने की सिफारिश।
  • राज्यों को श्रमिक चौकों पर जागरूकता अभियान और लू सुरक्षा पोस्टर लगाने के निर्देश।

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 28 अप्रैल 2026 को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित संस्थाओं को एडवाइजरी जारी करते हुए देशभर में हीटवेव और तेज़ी से बढ़ते तापमान के मद्देनज़र श्रमिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। मंत्रालय ने राज्यों के प्रमुख सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि बाहरी और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एक समन्वित, बहु-क्षेत्रीय और बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य है।

एडवाइजरी में क्या निर्देश दिए गए

मंत्रालय ने राज्य सरकारों से कहा कि वे नियोक्ताओं, उद्योगों और निर्माण कंपनियों को श्रमिक सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें। एडवाइजरी में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, विश्राम क्षेत्रों और कार्यस्थलों को ठंडा रखने की सुविधा, तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के कार्य घंटों के पुनर्निर्धारण को अनिवार्य किया गया है।

इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्य जैसे स्थलों पर आपातकालीन बर्फ की थैलियाँ और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव सामग्री उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जाँच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कारखाने और खदान प्रबंधन को विशेष निर्देश

मंत्रालय ने कारखाने और खदान प्रबंधन को भी सलाह दी है कि वे अत्यधिक गर्मी के दौरान श्रमिकों को अधिक लचीलापन प्रदान करें। इसमें काम की गति धीमी करना, जहाँ निरंतर काम अपरिहार्य हो वहाँ दो-सदस्यीय दल नियुक्त करना, विश्राम क्षेत्र उपलब्ध कराना और पर्याप्त वेंटिलेशन व शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।

कमज़ोर वर्ग के श्रमिकों पर विशेष ध्यान

मंत्रालय ने पत्र में निर्माण श्रमिकों, ईंट भट्ठों के श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर विशेष ध्यान देने की सिफारिश की है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है।

जागरूकता अभियान और आगे की राह

मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को श्रमिक चौकों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया है। साथ ही, लू से सुरक्षा संदेश और आपातकालीन संपर्क विवरण वाले पोस्टर एवं बैनर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। गौरतलब है कि यह एडवाइजरी केवल परामर्श के रूप में है और इसके क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी राज्य सरकारों पर निर्भर करती है — जो इसकी वास्तविक प्रभावशीलता की असली कसौटी होगी।

Point of View

लेकिन इसकी सबसे बड़ी सीमा यह है कि यह बाध्यकारी नहीं है — यह केवल परामर्श है। भारत में असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिक, जो सबसे अधिक जोखिम में हैं, वे किसी नियमित श्रम निरीक्षण के दायरे से बाहर हैं। पिछले वर्षों की हीटवेव एडवाइजरियों का हश्र देखें तो राज्य-स्तरीय अनुपालन बेहद असमान रहा है। बिना दंडात्मक प्रावधान और निगरानी तंत्र के, यह एडवाइजरी कागज़ों तक सीमित रहने का जोखिम उठाती है — ठीक उस वक्त जब देश के सबसे कमज़ोर श्रमिकों को इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

केंद्र सरकार की हीटवेव एडवाइजरी क्या है?
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 28 अप्रैल 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी के बीच कार्यस्थलों पर पेयजल, कूलिंग व्यवस्था और लचीले कार्य घंटे सुनिश्चित किए जाएँ। यह एडवाइजरी विशेष रूप से बाहरी और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए जारी की गई है।
हीटवेव एडवाइजरी में किन श्रमिकों को प्राथमिकता दी गई है?
मंत्रालय ने निर्माण श्रमिकों, ईंट भट्ठों के मजदूरों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर विशेष ध्यान देने की सिफारिश की है। ये वे वर्ग हैं जो लंबे समय तक खुले में काम करते हैं और हीटस्ट्रोक के सबसे अधिक जोखिम में हैं।
कारखानों और खदानों के लिए क्या विशेष निर्देश दिए गए हैं?
कारखाने और खदान प्रबंधन को सलाह दी गई है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान काम की गति धीमी करें, जहाँ निरंतर काम ज़रूरी हो वहाँ दो-सदस्यीय दल नियुक्त करें, विश्राम क्षेत्र उपलब्ध कराएँ और पर्याप्त वेंटिलेशन व शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित करें।
क्या यह एडवाइजरी कानूनी रूप से बाध्यकारी है?
नहीं, यह एडवाइजरी परामर्श के रूप में जारी की गई है और इसका अनुपालन राज्य सरकारों की इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है। मंत्रालय ने राज्यों से नियोक्ताओं को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है, लेकिन इसमें कोई दंडात्मक प्रावधान का उल्लेख नहीं किया गया है।
जागरूकता के लिए क्या कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं?
राज्यों को श्रमिक चौकों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने और लू से सुरक्षा संदेश तथा आपातकालीन संपर्क विवरण वाले पोस्टर व बैनर प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
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