TMC ने कलकत्ता हाईकोर्ट में फिर दायर की याचिका, 1,583 निवारक गिरफ्तारियों को बताया 22 अप्रैल के आदेश का उल्लंघन

Click to start listening
TMC ने कलकत्ता हाईकोर्ट में फिर दायर की याचिका, 1,583 निवारक गिरफ्तारियों को बताया 22 अप्रैल के आदेश का उल्लंघन

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से एक दिन पहले TMC ने कलकत्ता हाईकोर्ट में फिर दस्तक दी — इस बार 1,583 निवारक गिरफ्तारियों को 22 अप्रैल के न्यायिक आदेश का उल्लंघन बताते हुए। सवाल यह है कि क्या अदालत चुनाव से पहले इन गिरफ्तारियों पर रोक लगाएगी।

Key Takeaways

  • TMC ने 28 अप्रैल को कलकत्ता हाईकोर्ट में निवारक गिरफ्तारियों के खिलाफ दूसरी याचिका दायर की।
  • 26-27 अप्रैल के बीच पश्चिम बंगाल में 1,583 निवारक गिरफ्तारियाँ दर्ज, जिनमें से 1,095 अकेले 24 घंटों में।
  • TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि कम से कम 350 गिरफ्तारियाँ 22 अप्रैल के हाईकोर्ट आदेश का उल्लंघन हैं।
  • सर्वाधिक गिरफ्तारियाँ पूर्वी बर्दवान में 479, इसके बाद उत्तर 24 परगना में 319
  • TMC पार्षद नरुगोपाल भक्त सहित जगतदल झड़प में पकड़े गए 4 लोग भी गिरफ्तारी सूची में शामिल।
  • याचिका स्वीकार, मंगलवार के दूसरे सत्र में सुनवाई की संभावना।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार, 28 अप्रैल को कलकत्ता हाईकोर्ट में एक नई याचिका दायर की, जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक एक दिन पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशों के तहत की गई निवारक गिरफ्तारियों को चुनौती दी गई है। 26 अप्रैल की सुबह से 27 अप्रैल की शाम तक कुल 1,583 निवारक गिरफ्तारियाँ दर्ज की गई हैं — यह आँकड़ा पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने सोमवार शाम को जारी किया।

मुख्य घटनाक्रम

TMC के चार बार के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ के समक्ष यह याचिका प्रस्तुत की। बनर्जी ने दावा किया कि कम से कम 350 लोगों की निवारक गिरफ्तारियाँ उसी पीठ द्वारा 22 अप्रैल को दिए गए आदेश का सीधा उल्लंघन हैं। उन्होंने आपातकालीन आधार पर सुनवाई की माँग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया और मामले की सुनवाई मंगलवार को दिन के दूसरे सत्र में होने की संभावना बताई गई।

22 अप्रैल का पूर्व आदेश क्या था

22 अप्रैल को दिए गए अपने पूर्व आदेश में कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि निवारक कानूनों के प्रावधानों के तहत गिरफ्तारियाँ तो की जा सकती हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति को केवल 'संभावित उपद्रवी' करार देकर मनमाने ढंग से गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया जा सकता। TMC का तर्क है कि ताज़ा गिरफ्तारियाँ इसी प्रतिबंध को नज़रअंदाज़ करके की गई हैं।

जिलेवार गिरफ्तारियों का विवरण

CEO कार्यालय के आँकड़ों के अनुसार, 26 अप्रैल की सुबह से 27 अप्रैल की शाम तक की गई कुल निवारक गिरफ्तारियों में सबसे अधिक पूर्वी बर्दवान जिले में 479 गिरफ्तारियाँ हुईं। इसके बाद उत्तर 24 परगना में 319, दक्षिण 24 परगना में 246, कोलकाता (उत्तर) चुनावी जिले में 109, हुगली में 49, तथा नदिया और हावड़ा में 32-32 गिरफ्तारियाँ दर्ज की गईं। इनमें पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान शहर के वार्ड 22 से TMC पार्षद नरुगोपाल भक्त की गिरफ्तारी भी शामिल है।

जगतदल झड़प और चार गिरफ्तारियाँ

कुल गिरफ्तारियों में वे चार लोग भी शामिल हैं, जिन्हें रविवार रात उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और TMC कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के सिलसिले में हिरासत में लिया गया। ये चारों हैं — कौशिक दास (27 वर्ष), सिकंदर प्रसाद (39 वर्ष), गोपाल राउत (40 वर्ष) और श्यामदेव शॉ (55 वर्ष)

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण नज़दीक है और चुनावी माहौल पहले से तनावपूर्ण है। गौरतलब है कि यह TMC की दूसरी याचिका है, जो यह दर्शाती है कि पार्टी न्यायिक हस्तक्षेप को अपना प्रमुख हथियार बना रही है। कोर्ट का अगला आदेश यह तय करेगा कि क्या चुनाव से पहले इन गिरफ्तारियों पर कोई अंकुश लगाया जाएगा।

Point of View

बल्कि चुनावी प्रक्रिया में न्यायपालिका की भूमिका का है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल को स्पष्ट आदेश दिया था, फिर भी 1,583 गिरफ्तारियाँ हुईं — यह या तो आदेश की अनदेखी है या उसकी व्याख्या में गंभीर खामी। ECI के निर्देशों और न्यायिक आदेश के बीच यह टकराव यह सवाल उठाता है कि चुनावी सुरक्षा तंत्र की जवाबदेही कौन तय करेगा। TMC का बार-बार हाईकोर्ट जाना दर्शाता है कि पार्टी राजनीतिक मोर्चे पर नहीं, बल्कि कानूनी मोर्चे पर लड़ाई लड़ना चाहती है — जो अपने आप में एक रणनीतिक संकेत है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

TMC ने कलकत्ता हाईकोर्ट में किस बात के खिलाफ याचिका दायर की है?
TMC ने 26 अप्रैल की सुबह से 27 अप्रैल की शाम तक पश्चिम बंगाल में ECI के निर्देशों के तहत की गई 1,583 निवारक गिरफ्तारियों के खिलाफ याचिका दायर की है। पार्टी का दावा है कि इनमें से कम से कम 350 गिरफ्तारियाँ 22 अप्रैल के हाईकोर्ट आदेश का उल्लंघन हैं।
कलकत्ता हाईकोर्ट का 22 अप्रैल का आदेश क्या था?
22 अप्रैल को कलकत्ता हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि निवारक कानूनों के तहत गिरफ्तारियाँ की जा सकती हैं, लेकिन किसी को भी केवल 'संभावित उपद्रवी' करार देकर मनमाने तरीके से गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया जा सकता। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने दिया था।
पश्चिम बंगाल में सबसे ज़्यादा निवारक गिरफ्तारियाँ किस जिले में हुईं?
पूर्वी बर्दवान जिले में सर्वाधिक 479 निवारक गिरफ्तारियाँ दर्ज की गईं। इसके बाद उत्तर 24 परगना में 319 और दक्षिण 24 परगना में 246 गिरफ्तारियाँ हुईं।
जगतदल में क्या हुआ और उससे जुड़ी गिरफ्तारियाँ कौन-सी हैं?
रविवार रात उत्तर 24 परगना के जगतदल में BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कौशिक दास (27), सिकंदर प्रसाद (39), गोपाल राउत (40) और श्यामदेव शॉ (55) को हिरासत में लिया गया। ये चारों कुल गिरफ्तारी आँकड़े में शामिल हैं।
इस याचिका पर सुनवाई कब होगी?
याचिका स्वीकार कर ली गई है और मंगलवार, 28 अप्रैल को दिन के दूसरे सत्र में सुनवाई होने की संभावना है। यह TMC की इस मुद्दे पर दूसरी याचिका है।
Nation Press