अदाणीकॉनेक्स विशाखापत्तनम में 1 गीगावॉट एआई-रेडी डेटा सेंटर हब बनाएगी, $10 अरब निवेश से मिलेगा समर्थन
सारांश
Key Takeaways
- अदाणीकॉनेक्स ने विशाखापत्तनम में 1 गीगावॉट क्षमता के एआई-रेडी डेटा सेंटर हब की घोषणा की।
- परियोजना अदाणी समूह के $10 अरब (लगभग ₹83,000 करोड़) के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश से समर्थित है।
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शिलान्यास समारोह में इसे PM मोदी के तकनीकी विज़न का हिस्सा बताया।
- गूगल ने भी भारत में अपने सबसे बड़े एआई-केंद्रित निवेश का निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू किया।
- अदाणी समूह अगले एक दशक में भारत में $100 अरब के AI, ऊर्जा और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश की योजना बना रहा है।
अदाणी ग्रुप और एजकॉनेक्स की संयुक्त उद्यम (Joint Venture) कंपनी अदाणीकॉनेक्स ने 28 अप्रैल 2026 को ऐलान किया कि वह आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 1 गीगावॉट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म स्थापित करेगी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना अदाणी समूह के $10 अरब (लगभग ₹83,000 करोड़) के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश से समर्थित है और भारत को वैश्विक डेटा सेंटर मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
परियोजना का विवरण और क्षमता
अदाणीकॉनेक्स इस प्लेटफॉर्म को एक मज़बूत और एकीकृत ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र (Energy Ecosystem) के आधार पर विकसित करेगी। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर स्केलेबल और एआई-रेडी होगा, जो उच्च घनत्व वाले AI और क्लाउड वर्कलोड की माँगों को पूरा करने में सक्षम होगा। कंपनी के अनुसार, अदाणी समूह की ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए यह प्लेटफॉर्म विश्वसनीय, टिकाऊ और दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विशाखापत्तनम में इंडिया एआई हब का यह शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाने के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने इसे डिजिटल भारत के निर्माण की यात्रा में एक निर्णायक क्षण बताया।
गूगल की भागीदारी और व्यापक डिजिटल परिदृश्य
इसी कार्यक्रम में गूगल ने भी देश में अपने सबसे बड़े एआई-केंद्रित निवेश का निर्माण कार्य औपचारिक रूप से आरंभ किया। गूगल की यह पहल भारत के डिजिटल और आर्थिक परिवर्तन के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक टेक कंपनियाँ भारत को अपने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए प्राथमिकता दे रही हैं।
आंध्र प्रदेश और भारत के लिए आर्थिक महत्व
अदाणीकॉनेक्स के अनुसार, यह परियोजना आंध्र प्रदेश के आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में सीधा योगदान देगी और राज्य को वैश्विक डिजिटल परिदृश्य में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। यह परियोजना अदाणी समूह की उस व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत समूह अगले एक दशक में भारत के AI, ऊर्जा और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में $100 अरब (लगभग ₹8.3 लाख करोड़) का निवेश करने की योजना बना रहा है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि 1 गीगावॉट क्षमता का यह डेटा सेंटर हब भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एक आधारशिला साबित हो सकता है। अदाणीकॉनेक्स और अन्य साझेदारों के सहयोग से विकसित हो रही यह परियोजना भारत के बढ़ते डेटा सेंटर उद्योग को नई ऊँचाई देने की क्षमता रखती है। आने वाले महीनों में परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और चरणबद्ध विस्तार की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।