सेंसेक्स 417 अंक टूटा, निफ्टी 23,995 पर बंद; ब्रेंट क्रूड उछाल और पश्चिम एशिया तनाव से बाजार लाल
सारांश
Key Takeaways
- बीएसई सेंसेक्स 28 अप्रैल 2026 को 416.72 अंक (0.54%25) गिरकर 76,886.91 पर बंद हुआ।
- एनएसई निफ्टी50 97 अंक (0.40%25) फिसलकर 23,995.70 पर आया।
- ब्रेंट क्रूड 2.98 प्रतिशत उछलकर 111.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँचा; होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहा।
- निफ्टी पीएसयू बैंक में 2.15%25, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.23%25 और निफ्टी ऑटो में 1.01%25 की गिरावट।
- ओएनजीसी, अदाणी एंटरप्राइजेज और कोल इंडिया में 3-5%25 की तेजी; निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.55%25 की बढ़त।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा से बचने वाले प्रस्ताव से नाखुश।
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को 416.72 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,886.91 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 97 अंक (0.40 प्रतिशत) फिसलकर 23,995.70 पर आ गया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण ब्रेंट क्रूड के भाव 2.98 प्रतिशत उछलकर 111.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गए, जिसने बाजार की धारणा को कमज़ोर किया।
कारोबार का पूरा चित्र
दिन के कारोबार में सेंसेक्स 77,094.79 पर खुला और इंट्रा-डे हाई 77,493.53 तथा इंट्रा-डे लो 76,741.06 बनाया। निफ्टी50 ने 24,049.90 पर शुरुआत की, 24,181.80 का उच्च और 23,957.05 का निम्न स्तर छुआ। व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया — निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.42 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.28 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.55 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.51 प्रतिशत की तेजी रही। इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 2.15 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.23 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1.01 प्रतिशत की गिरावट रही। तकरीबन सभी अन्य सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
टॉप लूजर्स और गेनर्स
निफ्टी50 पैक में एक्सिस बैंक, मारुति, एचसीएल टेक, श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज ऑटो, एसबीआई और इंफोसिस के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। दूसरी ओर, ओएनजीसी, अदाणी एंटरप्राइजेज और कोल इंडिया के शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की तेजी आई। नेस्ले इंडिया, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, इटरनल और टाटा स्टील भी हरे निशान में बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड और भू-राजनीतिक तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर ईरान के उस प्रस्ताव से नाखुश हैं, जिसमें ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की पेशकश तो की है, लेकिन पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त होने तक अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई चर्चा करने से इनकार किया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से ही आपूर्ति की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं।
आगे क्या
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिका-ईरान वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं होती और होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुलता, तब तक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऑयल एंड गैस और मेटल जैसे क्षेत्रों में अल्पकालिक तेजी की संभावना बनी रह सकती है, जबकि बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर दबाव बने रहने के संकेत हैं।