मणिपुर में शांति की अपील: 150+ पूर्व सैनिकों ने कैंडललाइट मार्च किया, एक दिन की पेंशन पीड़ितों को देने का संकल्प
सारांश
Key Takeaways
- 150 से अधिक पूर्व सैनिकों, परिवारों और वीर नारियों ने 29 अप्रैल को इंफाल के कांगला गेट पर कैंडललाइट शांति अपील में भाग लिया।
- आयोजन का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल के. हिमालय सिंह और ब्रिगेडियर एल. इबोटोम्बी सिंह ने किया।
- पूर्व सैनिकों ने पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए एक दिन की पेंशन देने का संकल्प लिया।
- उखरुल में एक सेवानिवृत्त सैनिक की हत्या और त्रोंग्लाओबी में बीएसएफ जवान के परिवार पर हमले में दो बच्चों की मौत ने इस पहल को प्रेरित किया।
- 25 अप्रैल को RIMS, लम्फेलपत में 'Bloods Unite People' थीम पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया।
- कार्यक्रम में सात बिंदुओं वाला प्रस्ताव पास कर शांति, न्याय और अहिंसक समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।
मणिपुर में जारी हिंसा और तनाव के बीच 150 से अधिक पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और वीर नारियों ने 29 अप्रैल 2026 को इंफाल के ऐतिहासिक कांगला गेट के सामने कैंडललाइट अपील आयोजित कर शांति का आह्वान किया। पूर्व सैनिकों ने हर प्रकार की हिंसा त्यागने की अपील की और पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए अपनी एक दिन की पेंशन देने का संकल्प भी लिया। तेज बारिश और प्रतिकूल मौसम के बावजूद उनका हौसला अटल रहा।
आयोजन का नेतृत्व और मुख्य अपील
इस भावनात्मक आयोजन का नेतृत्व सेवानिवृत्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल के. हिमालय सिंह और ब्रिगेडियर एल. इबोटोम्बी सिंह ने किया। लेफ्टिनेंट जनरल हिमालय सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि मणिपुर के लोग हर तरह की हिंसा — चाहे वह हमले हों, आगजनी हो या भड़काऊ बातें — को पूरी तरह छोड़ दें। उन्होंने शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों का साथ देने को भी अनिवार्य बताया।
हर हाथ में जलती मोमबत्ती सिर्फ रोशनी का प्रतीक नहीं थी, बल्कि यह शांति और उम्मीद का सामूहिक संदेश था। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया —