एलन मस्क का ओकलैंड कोर्ट में बड़ा आरोप: ओपनएआई और सैम ऑल्टमैन ने गैर-लाभकारी मिशन से किया विश्वासघात
सारांश
Key Takeaways
- एलन मस्क ने 29 अप्रैल 2026 को ओकलैंड की अदालत में गवाही दी कि ओपनएआई ने अपने गैर-लाभकारी मिशन से विश्वासघात किया है।
- मस्क का आरोप है कि सैम ऑल्टमैन की अगुवाई में कंपनी मुनाफा-केंद्रित व्यावसायिक इकाई बन गई है।
- मस्क ने चेतावनी दी कि विपरीत फैसला अमेरिका में चैरिटी और परोपकार के सिद्धांतों को कमज़ोर कर सकता है।
- ओपनएआई का कहना है कि संरचना में बदलाव और माइक्रोसॉफ्ट जैसे निवेशकों से फंडिंग उन्नत एआई अनुसंधान के लिए अनिवार्य थी।
- मस्क 2015 में ओपनएआई के सह-संस्थापक थे और 2018 में कंपनी से अलग हो गए थे।
- अदालत का फैसला आने वाले हफ्तों में अपेक्षित है, जो एआई फंडिंग मॉडल पर व्यापक असर डाल सकता है।
टेस्ला और xAI के सीईओ एलन मस्क ने 29 अप्रैल 2026 को अमेरिका के ओकलैंड स्थित एक अदालत में गवाही देते हुए आरोप लगाया कि ओपनएआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन ने संस्था के मूल गैर-लाभकारी उद्देश्य — सुरक्षित और मानव-हितकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास — के साथ विश्वासघात किया है। मस्क का कहना है कि कंपनी अब एक मुनाफा कमाने वाली व्यावसायिक इकाई में तब्दील हो चुकी है, जो उसके संस्थापक सिद्धांतों के विरुद्ध है।
मुख्य आरोप और गवाही
अपनी अदालती गवाही में मस्क ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में ओपनएआई को इसलिए समर्थन दिया था क्योंकि उन्हें विश्वास था कि यह संस्था पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक गैर-लाभकारी संस्था की तरह काम करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि गूगल के एआई सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान न देने की चिंता ने उन्हें ओपनएआई में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया था।
मस्क ने अदालत को यह भी बताया कि कंपनी के शुरुआती विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान था, जिसमें प्रतिभाशाली लोगों को जोड़ना और प्रमुख तकनीकी साझेदारों से संपर्क स्थापित करना शामिल था।
परोपकार और चैरिटी पर असर की चेतावनी
मस्क ने चेतावनी दी कि यदि अदालत ऐसा फैसला सुनाती है जिससे किसी चैरिटी संस्था के संसाधनों का दुरुपयोग वैध माना जाए, तो इससे अमेरिका में परोपकार की भावना को गहरा नुकसान पहुँच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे फैसले से भविष्य में चैरिटी संगठनों के मूल सिद्धांत कमज़ोर पड़ सकते हैं। गौरतलब है कि यह चिंता केवल ओपनएआई तक सीमित नहीं, बल्कि गैर-लाभकारी क्षेत्र के व्यापक ढाँचे को प्रभावित करती है।
ओपनएआई का पक्ष
ओपनएआई ने अपने बचाव में कहा है कि कंपनी की संरचना में बदलाव और बाहरी निवेश लेना अनिवार्य था, क्योंकि उन्नत एआई अनुसंधान में अत्यधिक पूँजी की आवश्यकता होती है। कंपनी का यह भी कहना है कि उसका गैर-लाभकारी हिस्सा अभी भी समग्र नियंत्रण में बना हुआ है। माइक्रोसॉफ्ट समेत कई बड़े निवेशकों से फंडिंग हासिल करने के बाद ओपनएआई वैश्विक एआई क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शामिल हो चुकी है, खासकर अपने चैटबॉट चैटजीपीटी की व्यापक सफलता के कारण।
मस्क और ओपनएआई के बीच दूरी का इतिहास
यह विवाद मस्क और ओपनएआई के बीच बढ़ती खाई को उजागर करता है। मस्क उन संस्थापकों में से एक थे जिन्होंने 2015 में ओपनएआई की नींव रखी थी। 2018 में वे कंपनी से अलग हो गए, जिसके बाद ओपनएआई ने एक व्यावसायिक इकाई गठित की। बाद में मस्क ने अपनी प्रतिस्पर्धी एआई कंपनी xAI की स्थापना की और ओपनएआई में संरचनात्मक बदलाव को चुनौती देने के लिए कानूनी कदम उठाए। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक एआई उद्योग में नियामक और नैतिक सवाल तेज़ी से उठ रहे हैं।
मस्क ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें कोई आर्थिक मुआवज़ा मिलता है, तो वह व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं होगा। अदालत का फैसला आने वाले हफ्तों में आने की उम्मीद है, जो एआई कंपनियों के फंडिंग मॉडल और संचालन ढाँचे पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।