पीयूष गोयल: हॉर्मुज बंद होने के बावजूद वैकल्पिक मार्गों से जारी है निर्यात, अप्रैल में दर्ज हुई बड़ी बढ़त
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सारांश
हॉर्मुज बंद, मध्य पूर्व में युद्ध — फिर भी भारतीय निर्यातक डरे नहीं। गोयल के मुताबिक अप्रैल में निर्यात बढ़ा, न्यूजीलैंड एफटीए से 140 सेवा क्षेत्र खुले और अमेरिका से व्यापार वार्ता सकारात्मक दिशा में है। यह भारत की व्यापार कूटनीति का नया अध्याय है।
Key Takeaways
- पीयूष गोयल ने 29 अप्रैल 2026 को कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बावजूद वैकल्पिक मार्गों से निर्यात जारी है।
- अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में भारतीय निर्यात पिछले साल की समान अवधि से काफी अधिक रहा।
- भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के तहत अधिकांश भारतीय उत्पादों पर शून्य शुल्क लागू होगा और 140 सेवा क्षेत्र खुलेंगे।
- एफटीए के ज़रिए भारतीय निर्यातकों के लिए विश्व के दो-तिहाई बाज़ार खुल चुके हैं।
- भारत-अमेरिका व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी, पिछले हफ्ते भारतीय टीम अमेरिका दौरे से लौटी।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बावजूद भारतीय निर्यातकों का उत्साह बरकरार है और वैकल्पिक शिपिंग मार्गों के ज़रिए निर्यात निर्बाध रूप से जारी है। उन्होंने बताया कि अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में भारत का निर्यात पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
मध्य पूर्व संकट के बीच निर्यात की स्थिति
एक कार्यक्रम के साइडलाइन पर मीडिया से बातचीत में गोयल ने कहा,
Point of View
लेकिन 'वैकल्पिक मार्गों' का कोई ब्यौरा न देना एक महत्वपूर्ण सूचना-शून्यता है — खासकर तब जब शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम में वैश्विक उछाल आया हो। अप्रैल के आंशिक आँकड़े उत्साहजनक हैं, पर पूरे महीने और तिमाही के आँकड़े ही असली तस्वीर दिखाएंगे। न्यूजीलैंड एफटीए और अमेरिका वार्ता एक साथ आगे बढ़ना भारत की बहु-मोर्चा व्यापार रणनीति को दर्शाता है, लेकिन क्रियान्वयन की गति और घरेलू उद्योग की तैयारी पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
NationPress
29/04/2026
Frequently Asked Questions
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारतीय निर्यात पर क्या असर पड़ा?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, हॉर्मुज के बंद होने के बावजूद भारतीय निर्यातक वैकल्पिक शिपिंग मार्गों का उपयोग कर निर्यात जारी रखे हुए हैं। अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में निर्यात पिछले साल की तुलना में बढ़ा है, हालांकि गोयल ने वैकल्पिक मार्गों का विशेष उल्लेख नहीं किया।
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से भारतीय निर्यातकों को क्या फायदा होगा?
इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर शून्य शुल्क लागू होगा। इसके अलावा न्यूजीलैंड का बाज़ार भारत के लिए लगभग 140 सेवा क्षेत्रों में खुल गया है, जिसमें शिक्षा, खेल, संस्कृति, कृषि और आयुष जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की वर्तमान स्थिति क्या है?
फरवरी 2026 में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता हुआ था और व्यापक समझौते पर बातचीत जारी है। गोयल ने बताया कि भारतीय टीम पिछले हफ्ते अमेरिका दौरे से लौटी है और चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
नए एफटीए से भारतीय निर्यातकों के लिए कितना बाज़ार खुला है?
गोयल के अनुसार विभिन्न देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के चलते भारतीय निर्यातकों के लिए विश्व के दो-तिहाई बाज़ार खुल चुके हैं। इससे ऑटो, ऑटो पार्ट्स, मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, सीफूड और सर्विस सेक्टर में अवसर बढ़ रहे हैं।
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए में बौद्धिक संपदा और आयुष को क्या स्थान मिला?
इस समझौते में बौद्धिक संपदा और पारंपरिक चिकित्सा, विशेष रूप से आयुष से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग के लिए अहम करार किए गए हैं। यह भारत के लिए अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक मान्यता दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।