सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी 15% हुई, MCX पर सोना ₹1,62,790 और चांदी ₹2,97,655 पर पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 13 मई 2026 को केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर आयात शुल्क (उपकर सहित) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के बाद दोनों कीमती धातुओं के दाम मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को 6.66 प्रतिशत तक उछल गए। यह घरेलू बाज़ार में कीमती धातुओं की हालिया स्मृति में सबसे तेज़ एकल-दिवसीय बढ़त में से एक है।
MCX पर सोने और चांदी के ताज़ा भाव
MCX पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट सुबह 9:52 बजे IST पर 6.09 प्रतिशत यानी ₹9,348 की मज़बूती के साथ ₹1,62,790 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी का 5 जुलाई 2026 कॉन्ट्रैक्ट 6.66 प्रतिशत यानी ₹18,593 की तेज़ी के साथ ₹2,97,655 प्रति किलोग्राम पर था — जो दोनों धातुओं में से अधिक तीव्र उछाल रहा।
सरकार ने क्यों बढ़ाई कस्टम ड्यूटी
केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत (उपकर सहित) कर दिया है। प्लेटिनम पर भी यह शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत किया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने, विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा करने और आवश्यक आयातों को प्राथमिकता देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
सूत्रों ने यह भी कहा कि यह निर्णय असाधारण बाहरी परिस्थितियों के प्रति एक संतुलित, आनुपातिक और राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार प्रतिक्रिया है, जिसमें दीर्घकालिक आर्थिक मज़बूती का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी तेज़ी
घरेलू बाज़ार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी कीमती धातुओं में उछाल देखा गया। COMEX पर सोना 0.52 प्रतिशत बढ़कर $4,710 प्रति औंस और चांदी 2.28 प्रतिशत की मज़बूती के साथ $87.54 प्रति औंस पर थी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की अस्थिरता के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
आम जनता और बाज़ार पर असर
गौरतलब है कि आयात शुल्क में इतनी बड़ी वृद्धि का सीधा असर आभूषण उद्योग, खुदरा सोने-चांदी की खरीद और शादी-विवाह के सीज़न में होने वाली माँग पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊँची कीमतों से अल्पकाल में माँग में नरमी आ सकती है, हालाँकि निवेश के नज़रिए से सोना अभी भी आकर्षक बना हुआ है।
आगे क्या होगा
बाज़ार विश्लेषकों की नज़र अब इस बात पर है कि क्या सरकार इस शुल्क वृद्धि को स्थायी बनाए रखती है या वैश्विक परिस्थितियों के सामान्य होने पर इसमें बदलाव करती है। MCX पर आने वाले सत्रों में अस्थिरता बनी रह सकती है, और निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।