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उदयनिधि स्टालिन का सनातन विरोधी बयान: विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने की निंदा, विधानसभा कार्यवाही से हटाने की माँग

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उदयनिधि स्टालिन का सनातन विरोधी बयान: विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने की निंदा, विधानसभा कार्यवाही से हटाने की माँग

सारांश

विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया और विधानसभा कार्यवाही से तत्काल हटाने की माँग की। साथ ही नए मुख्यमंत्री से अपना पक्ष स्पष्ट करने की अपील की।

मुख्य बातें

उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में कथित तौर पर कहा कि सनातन धर्म लोगों को बाँटता है और इसे समाप्त कर देना चाहिए।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'विभाजनकारी' बताते हुए कड़ी निंदा की।
विहिप ने माँग की कि इस बयान को विधानसभा की आधिकारिक कार्यवाही से तत्काल हटाया जाए।
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री से इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपील की गई है।
आलोक कुमार ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को मंदिरों से पर्याप्त राजस्व मिलता है, फिर भी सनातन विरोधी रुख अपनाना विरोधाभासी है।

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म के विरुद्ध दिए गए बयान की विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'विभाजनकारी' करार देते हुए माँग की है कि इसे विधानसभा की आधिकारिक कार्यवाही से तत्काल हटाया जाए। उल्लेखनीय है कि स्टालिन ने विधानसभा में कथित तौर पर कहा था कि सनातन धर्म लोगों को बाँटता है, इसलिए इसे समाप्त कर देना चाहिए।

आलोक कुमार का बयान और मुख्य आपत्तियाँ

आलोक कुमार ने एक औपचारिक बयान जारी करते हुए सवाल उठाया कि क्या उदयनिधि स्टालिन इस प्रकार का वक्तव्य किसी अन्य धर्म या मजहब के विरुद्ध देने का साहस कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म और उसकी आस्थाओं को निरंतर अपमानित करना लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है।

विहिप अध्यक्ष ने यह भी कहा कि नेता विपक्ष के इस बयान को अविलंब विधानसभा की कार्यवाही से निकाला जाना चाहिए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

तमिलनाडु सरकार पर विरोधाभास का आरोप

आलोक कुमार ने इस स्थिति को 'अत्यंत विडंबनापूर्ण' बताया। उनका कहना था कि जिन परिवारों और राजनीतिक दलों को स्वयं सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष लाभ प्राप्त होता है, वही लोग सनातन को समाप्त करने की बातें कर रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि तमिलनाडु सरकार को राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक स्थलों से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है। उनके अनुसार, इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन करना 'उसी थाली में छेद करने' जैसा है।

नए मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण की माँग

विहिप अध्यक्ष ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री से भी इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उनकी सरकार सनातन परंपरा और हिंदू आस्थाओं के सम्मान के पक्ष में है, अथवा वह ऐसे विभाजनकारी और दुर्भावनापूर्ण वक्तव्यों का समर्थन करती है।

सनातन धर्म की अजेयता पर विहिप का दावा

आलोक कुमार ने अपने बयान के अंत में कहा कि सनातन धर्म तमिलनाडु सहित पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि सनातन को समाप्त करने का प्रयास करने वाली अनेक विचारधाराएँ स्वयं समाप्त हो गईं, किंतु सनातन आज भी उतनी ही शक्ति, श्रद्धा और व्यापकता के साथ समाज का मार्गदर्शन कर रहा है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक माहौल पहले से ही संवेदनशील है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह प्रतिक्रियाएँ तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर बार राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक ध्रुवीकरण को हवा देती है। असली सवाल यह है कि क्या यह बयान वैचारिक प्रतिबद्धता है या चुनावी गणित — क्योंकि तमिलनाडु सरकार उन्हीं मंदिरों के राजस्व पर निर्भर है जिनकी परंपरा को वह नकारती दिखती है। विहिप की माँग राजनीतिक रूप से स्वाभाविक है, लेकिन विधानसभा में अभिव्यक्ति की सीमाओं पर यह बहस संसदीय प्रक्रिया की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में सनातन के बारे में क्या कहा?
उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में कथित तौर पर कहा कि सनातन धर्म लोगों को बाँटता है, इसीलिए इसे समाप्त कर देना चाहिए। यह बयान विहिप सहित कई हिंदू संगठनों के कड़े विरोध का कारण बना।
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने क्या माँग की है?
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने माँग की है कि उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान को तमिलनाडु विधानसभा की आधिकारिक कार्यवाही से तत्काल हटाया जाए। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की।
विहिप ने तमिलनाडु सरकार पर विरोधाभास का आरोप क्यों लगाया?
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक स्थलों से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में सनातन विरोधी रुख अपनाना उनके अनुसार 'उसी थाली में छेद करने' जैसा है।
क्या तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री से भी जवाब माँगा गया है?
हाँ, विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे स्पष्ट करें कि उनकी सरकार सनातन परंपरा और हिंदू आस्थाओं के सम्मान के पक्ष में है या ऐसे विभाजनकारी वक्तव्यों का समर्थन करती है।
सनातन धर्म को लेकर DMK नेताओं का यह पहला विवाद है?
नहीं, सनातन धर्म को लेकर DMK नेताओं के विवादास्पद बयानों की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी उदयनिधि स्टालिन सहित पार्टी के कई नेता सनातन को लेकर विवादित टिप्पणियाँ कर चुके हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस छेड़ी थी।
राष्ट्र प्रेस
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