उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान पर फहद अहमद का हमला, 'बचकाना और शर्मनाक' करार

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उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान पर फहद अहमद का हमला, 'बचकाना और शर्मनाक' करार

सारांश

एनसीपी-एसपी नेता फहद अहमद ने उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को 'खत्म' करने वाले बयान को 'बचकाना और शर्मनाक' बताया। भाजपा ने भी निशाना साधा। कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन छोड़ विजय की टीवीके को समर्थन दिया — यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव है।

मुख्य बातें

फहद अहमद (एनसीपी-एसपी) ने 12 मई 2026 को उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान को 'बचकाना और शर्मनाक' करार दिया।
उदयनिधि स्टालिन ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय की मौजूदगी में सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी।
कांग्रेस ने डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग होकर टीवीके को समर्थन दिया, जिससे विजय बहुमत तक पहुँच सके।
भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने कहा —

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता फहद अहमद ने मंगलवार, 12 मई को तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के 'सनातन विरोधी' बयान की कड़ी निंदा की और उसे 'बचकाना, अनुचित और शर्मनाक' करार दिया। यह विवाद तब भड़का जब उदयनिधि ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की मौजूदगी में सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कही।

क्या था विवादित बयान

तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की उपस्थिति में सनातन धर्म को 'खत्म' करने की बात कही। इस बयान ने राष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की और विभिन्न दलों के नेताओं ने इसकी आलोचना की।

फहद अहमद की तीखी प्रतिक्रिया

एनसीपी-एसपी नेता फहद अहमद ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 'इंडिया' ब्लॉक के भीतर से आ रही है। कांग्रेस का डीएमके से अलग होना और एनसीपी-एसपी का यह बयान संकेत देता है कि धर्म-आधारित बयानबाज़ी अब सहयोगी दलों में भी असहजता पैदा कर रही है। असली सवाल यह है कि क्या डीएमके इस राजनीतिक संकेत को पढ़ पाएगी, या तमिलनाडु के बाहर अपनी साख को और नुकसान पहुँचाती रहेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म के बारे में क्या कहा?
उदयनिधि स्टालिन ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की मौजूदगी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सनातन धर्म को 'खत्म' करने की बात कही। इस बयान ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विरोध उत्पन्न किया।
फहद अहमद ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
एनसीपी-एसपी नेता फहद अहमद ने बयान को 'बचकाना, गलत, अपरिपक्व और शर्मनाक' करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म की इस तरह बार-बार आलोचना नहीं की जानी चाहिए और समाज सुधार के लिए धर्म को निशाना बनाना सही तरीका नहीं है।
कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन क्यों छोड़ा?
कांग्रेस ने डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग होकर सी. जोसेफ विजय की टीवीके (तमिलगा वेट्री कषगम) को समर्थन दिया, ताकि विजय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आँकड़ा छू सकें। एनसीपी-एसपी के फहद अहमद ने इस कदम के लिए कांग्रेस को बधाई दी।
भाजपा ने इस विवाद पर क्या कहा?
भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने विजय को जनादेश देकर डीएमके को जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई ठीक है, लेकिन 'सनातन से लड़ना' स्वीकार्य नहीं है।
'इंडिया' ब्लॉक पर इस विवाद का क्या असर पड़ा?
फहद अहमद ने स्वीकार किया कि डीएमके के ऐसे बयानों की वजह से 'इंडिया' ब्लॉक की सहयोगी कांग्रेस को भी 'असहज स्थितियों' का सामना करना पड़ा। यह विवाद गठबंधन के भीतर आंतरिक तनाव को उजागर करता है।
राष्ट्र प्रेस