MCX पर सोना ₹1,51,838 और चांदी ₹2,50,900 पर पहुँची, डॉलर इंडेक्स 98.14 पर फिसला
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में बुधवार, 6 मई 2026 को शुरुआती कारोबार में सोना और चांदी दोनों कीमती धातुओं ने जोरदार उछाल दर्ज किया, जिसमें चांदी करीब 2.70 प्रतिशत तक मजबूत हुई। विश्लेषकों के अनुसार इस तेजी की प्रमुख वजह डॉलर इंडेक्स का 0.17 प्रतिशत कमजोर होकर 98.14 पर आ जाना है, जिसने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं की माँग को बल दिया।
MCX पर सोने का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून 2026 के सोने के कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोजिंग ₹1,49,753 के मुकाबले ₹2,247 (1.5 प्रतिशत) की बढ़त के साथ ₹1,52,000 पर कारोबार शुरू किया। सुबह 9:47 बजे सोना ₹2,085 या 1.39 प्रतिशत की मजबूती के साथ ₹1,51,838 पर कारोबार कर रहा था। इंट्राडे में सोने ने ₹1,52,182 का उच्चतम और ₹1,51,653 का न्यूनतम स्तर छुआ।
MCX पर चांदी का प्रदर्शन
3 जुलाई 2026 के चांदी के कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोजिंग ₹2,44,316 के मुकाबले ₹5,000 या 2.04 प्रतिशत की छलाँग के साथ ₹2,49,316 पर कारोबार खोला। खबर लिखे जाने तक चांदी ₹6,584 या 2.69 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹2,50,900 पर थी। इंट्राडे में चांदी ने ₹2,52,000 का उच्चतम और ₹2,49,316 का न्यूनतम स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में मजबूती बनी रही। COMEX पर सोना 1.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ $4,656 प्रति औंस और चांदी 3.45 प्रतिशत की तेजी के साथ $76.12 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर सतर्क हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
डॉलर इंडेक्स और रुपये पर असर
डॉलर इंडेक्स अमेरिकी मुद्रा की दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं — यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक — के मुकाबले स्थिति दर्शाता है। आमतौर पर जब डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है तो सोने-चांदी जैसी कीमती धातुएँ मजबूत होती हैं, क्योंकि ये डॉलर में मूल्यांकित होती हैं। गौरतलब है कि डॉलर के कमजोर पड़ने से भारतीय रुपया भी करीब 11 पैसे या 0.12 प्रतिशत मजबूत होकर 95.07 प्रति डॉलर पर आ गया।
आगे क्या देखें
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स की दिशा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत आने वाले सत्रों में सोने-चांदी की चाल तय करेंगे। यदि डॉलर पर दबाव बना रहा, तो कीमती धातुओं में यह तेजी जारी रह सकती है।