सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि: पटना में नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, 11 वर्षों के योगदान को किया याद

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सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि: पटना में नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, 11 वर्षों के योगदान को किया याद

सारांश

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि पर पटना में BJP नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। करीब 11 वर्षों तक उपमुख्यमंत्री रहे सुशील मोदी को बिहार को 'बीमारू राज्य' की छवि से बाहर निकालने और भाजपा संगठन को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है।

मुख्य बातें

सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि पर 13 मई को पटना में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार , केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव , सांसद राधा मोहन सिंह और बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी उपस्थित रहे।
सुशील मोदी करीब 11 वर्षों तक बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे और राज्य को 'बीमारू राज्य' की छवि से बाहर निकालने में योगदान दिया।
वे विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा — चारों सदनों के सदस्य रहे, जो बिहार में विरले नेताओं को मिला सम्मान है।
1974 के जयप्रकाश नारायण आंदोलन से शुरू हुई उनकी राजनीतिक यात्रा को नेताओं ने विशेष रूप से याद किया।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि पर मंगलवार, 13 मई को पटना में विभिन्न दलों के नेताओं ने एकत्रित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह और बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

प्रेम कुमार ने किया राजनीतिक योगदान का उल्लेख

बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि सुशील कुमार मोदी ने बिहार और देश की राजनीति में बहुत बड़ा योगदान दिया। उन्होंने विशेष रूप से 1974 के लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में सुशील मोदी आगे आए और आंदोलन को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।

रामकृपाल यादव और राधा मोहन सिंह की श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा,

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुशील कुमार मोदी कौन थे और बिहार की राजनीति में उनका क्या योगदान था?
सुशील कुमार मोदी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता थे जो करीब 11 वर्षों तक बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे। उन्हें बिहार को 'बीमारू राज्य' की छवि से बाहर निकालने और राज्य के बजट को लगातार बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है।
सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि पर क्या हुआ?
13 मई को पटना में उनकी दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई, जिसमें बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, सांसद राधा मोहन सिंह और बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई नेता उपस्थित रहे। नेताओं ने उनके राजनीतिक योगदान और बिहार के विकास में भूमिका को याद किया।
सुशील मोदी किन-किन सदनों के सदस्य रहे थे?
सुशील कुमार मोदी बिहार के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा — चारों सदनों के सदस्य रहे। यह उपलब्धि बिहार की राजनीति में बहुत कम नेताओं को प्राप्त हुई है।
सुशील मोदी का राजनीतिक जीवन कब और कैसे शुरू हुआ?
उनकी राजनीतिक यात्रा 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन से शुरू हुई। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े थे और भाजपा संगठन को बिहार में मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने सुशील मोदी के बारे में क्या कहा?
संजय सरावगी ने कहा कि सुशील मोदी के कुशल प्रबंधन के कारण बिहार के बजट का आकार लगातार बढ़ा और वे गरीबों व पिछड़े वर्गों के लिए मसीहा की तरह काम करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि सुशील मोदी विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों के सदस्य रहे।
राष्ट्र प्रेस