सुशील कुमार मोदी की पुण्यतिथि: CM सम्राट चौधरी और NDA नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी की पुण्यतिथि पर 13 मई 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई प्रमुख नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने उनकी सादगी, दूरदर्शी नेतृत्व और बिहार के विकास में दिए गए योगदान को अविस्मरणीय बताया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि पद्मभूषण से सम्मानित बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी सादगी, कुशल नेतृत्व, संगठन के प्रति समर्पण एवं बिहार के विकास हेतु किए गए योगदान सदैव स्मरणीय रहेंगे।
जदयू और अन्य NDA नेताओं की प्रतिक्रिया
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने एक्स पर लिखा कि सुशील कुमार मोदी ने बिहार की राजनीति में सादगी, शालीनता और जनसेवा की आदर्श पहचान स्थापित की। उन्होंने कहा कि उनकी पारदर्शिता, संगठन के प्रति समर्पण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सदैव आदर के साथ स्मरण किया जाएगा तथा उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा।
मंत्री विजय सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि पद्मभूषण से सम्मानित सुशील कुमार मोदी का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, दूरदर्शी नेतृत्व एवं बिहार के विकास हेतु किया गया योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। मंत्री दिलीप जायसवाल ने उन्हें 'बिहार के विकास का शिल्पकार' बताते हुए कहा कि बिहार की आर्थिक प्रगति और सुशासन को धरातल पर उतारने में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है।
सांसद का संदेश
सांसद गोपालजी ठाकुर ने एक्स पर लिखा कि सुशील कुमार मोदी बिहार की राजनीति में सुशासन, सादगी एवं संगठनात्मक मजबूती के प्रतीक रहे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय नेता ने अपना संपूर्ण जीवन बिहार के विकास हेतु समर्पित किया और उनका योगदान सभी के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
सुशील कुमार मोदी: एक परिचय
सुशील कुमार मोदी बिहार की राजनीति के एक स्तंभ थे, जिन्होंने लंबे समय तक राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में बिहार में वित्तीय अनुशासन और सुशासन को नई दिशा मिली। उन्हें मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया गया, जो उनकी सार्वजनिक सेवा की स्वीकृति थी। उनकी विरासत आज भी बिहार की राजनीतिक चेतना में जीवित है।