तमिलनाडु के डेल्टा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव 48 घंटों में होगा तीव्र
सारांश
मुख्य बातें
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने 13 मई 2026 को चेतावनी जारी की है कि अगले दो दिनों में तमिलनाडु के कई डेल्टा जिलों में भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के अगले 48 घंटों के भीतर और अधिक तीव्र होने की संभावना है, जिससे तटीय क्षेत्रों में नमी का प्रवाह बढ़ेगा।
किन जिलों पर सबसे ज़्यादा असर
आरएमसी ने विशेष रूप से गुरुवार और शुक्रवार को तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई और पुदुक्कोट्टई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है। ये सभी जिले डेल्टा क्षेत्र में स्थित हैं और भारी बारिश के दौरान जलभराव तथा बाढ़ के प्रति अत्यधिक संवेदनशील माने जाते हैं।
इसके अलावा, बुधवार को तटीय तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और पश्चिमी घाट के जिलों में मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बदलते वायुमंडलीय हालात राज्य के व्यापक क्षेत्रों में वर्षा का कारण बन सकते हैं।
निम्न दबाव प्रणाली की स्थिति
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव तंत्र फिलहाल सक्रिय बना हुआ है और इसके और मजबूत होने की संभावना है। इस प्रणाली के कारण समुद्र के कुछ हिस्सों में हवा की गति बढ़ने की भी आशंका है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है।
मछुआरों और तटीय निवासियों के लिए सावधानी
अधिकारियों ने मछली पकड़ने के कार्यों और तटीय मौसम की स्थिति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। निम्न दबाव प्रणाली के कारण समुद्र में हवाओं की रफ्तार बढ़ने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जा सकती है।
निचले और तटीय क्षेत्रों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
चेन्नई में राहत और उमस
चेन्नई में बुधवार को शहर के कुछ हिस्सों में मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान है। बादलों से घिरे आसमान और रुक-रुक कर होने वाली बारिश से भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है, हालांकि आर्द्रता का स्तर उच्च बना रहेगा।
आगे क्या होगा
अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में निम्न दबाव प्रणाली की गति और तीव्रता के आधार पर अतिरिक्त जानकारी और जिला-विशिष्ट अलर्ट जारी किए जाएंगे। मानसून की प्रगति पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह पूरे क्षेत्र में वार्षिक वर्षा ऋतु की शुरुआत का संकेत देता है।