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मणिपुर: बम हमले में बच्चों की हत्या के खिलाफ जन प्रदर्शन जारी

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मणिपुर: बम हमले में बच्चों की हत्या के खिलाफ जन प्रदर्शन जारी

सारांश

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हुए बम हमले में दो बच्चों की मौत के विरोध में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस रैली में न्याय की मांग के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

मुख्य बातें

बिष्णुपुर जिले में बम हमले की कड़ी निंदा।
दो बच्चों की हत्या ने जन जागरूकता बढ़ाई।
महिला संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान।
न्याय की मांग के लिए जन प्रदर्शन।
सुरक्षा बलों की जवाबदेही पर सवाल।

इंफाल, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में 7 अप्रैल को घटित बम धमाके की कड़ी निंदा करते हुए हजारों लोगों ने रविवार को इंफाल में अपना प्रदर्शन जारी रखा। इस बम धमाके में दो छोटे बच्चों की जान चली गई थी।

यह रैली उरीपोक अपुनबा लुप और उरीपोक नुपी अपुनबा लुप जैसे महिला नेतृत्व वाले संगठनों द्वारा आयोजित की गई थी। उरीपोक नुपी अपुनबा लुप, उरीपोक निर्वाचन क्षेत्र के कई स्थानीय समूहों का प्रतिनिधित्व करता है। विरोध मार्च लैम्बॉय खोंगनांग खोंग से प्रारंभ हुआ और लगभग 4 किलोमीटर की दूरी तय की।

रैली के दौरान, उरीपोक अपुनबा लुप के उपाध्यक्ष ख्वैराकपम तरुण कुमार ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी गांव में दो नाबालिग बच्चों की भयानक हत्या की शीघ्र जांच कराना है।

उन्होंने समयबद्ध जांच, रोजाना सुनवाई और दोषियों के लिए कठोर सजा की आवश्यकता पर जोर दिया। बच्चों और छात्रों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया और 'हमें न्याय चाहिए' लिखे तख्तियां पकड़े हुए थे।

प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और उसी जिले में गोलीबारी में कथित तौर पर शामिल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की, जिसके परिणामस्वरूप सीआरपीएफ शिविर पर हमले की कोशिश में तीन प्रदर्शनकारियों की मृत्यु हो गई थी।

इस बीच, इम्फाल पश्चिम के संगकपम में लैफाम खुनू की महिलाओं ने धरने में बैठकर हमले के पीछे के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और सरकार से राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने का अनुरोध किया।

तरुण कुमार ने न्याय की मांग दोहराते हुए गोलीबारी की घटना की न्यायिक जांच और दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मी के खिलाफ उचित कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

7 अप्रैल की घटना में, बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी गांव में एक घर पर संदिग्ध कुकी आतंकवादियों द्वारा एक शक्तिशाली बम गिराया गया। विस्फोट में एक पांच वर्षीय लड़का और उसकी पांच महीने की बहन की जान चली गई, जो कथित तौर पर उस समय सो रहे थे। उनकी मां घायल हो गईं और विस्फोट ने घर को व्यापक क्षति पहुंचाई।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को चुनौती देती है। न्याय का होना अत्यंत आवश्यक है ताकि ऐसे जघन्य अपराधों को रोका जा सके।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में बम धमाका कब हुआ?
7 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में बम धमाका हुआ।
इस हमले में कितने बच्चे मारे गए?
इस हमले में दो छोटे बच्चे मारे गए।
प्रदर्शन का उद्देश्य क्या है?
प्रदर्शन का उद्देश्य बच्चों की हत्या की शीघ्र जांच और न्याय की मांग करना है।
कौन से संगठन इस प्रदर्शन का आयोजन कर रहे हैं?
उरीपोक अपुनबा लुप और उरीपोक नुपी अपुनबा लुप जैसे महिला नेतृत्व वाले संगठन इस प्रदर्शन का आयोजन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने क्या मांग की?
प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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