एनआईए ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हमले के मामले में पीएलए के तीन सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया

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एनआईए ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हमले के मामले में पीएलए के तीन सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया

सारांश

एनआईए ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए आतंकवादी हमले के संबंध में पीएलए के तीन कैडरों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इस हमले में दो जवान शहीद और पांच घायल हुए थे। क्या यह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में नई दिशा होगी?

Key Takeaways

  • एनआईए ने मणिपुर में आतंकवादी हमले के मामले में पीएलए के तीन सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
  • हमले में दो जवान शहीद हुए और पांच अन्य घायल हुए।
  • आरोपियों पर कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
  • जांच जारी है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
  • यह मामला आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मणिपुर में असम राइफल्स के ट्रक पर किए गए आत्मघाती हमले के संबंध में प्रतिबंधित संगठन पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के तीन कैडरों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इस हमले में पिछले साल सितंबर 2025 में दो असम राइफल्स जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

एनआईए की विशेष अदालत इंफाल में दायर किए गए आरोप पत्र में आरोपियों की पहचान थोंगराम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक उर्फ पुरकपा, खुंडोंगबम ओजी मेइतेई उर्फ केइलाल और इरेनबाम जुगिंद्र मेइतेई उर्फ जुगिन मेइतेई के रूप में की गई है। ये सभी मणिपुर के निवासी हैं और इन्हें पहले ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोप पत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूए(पी) एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

हमला सितंबर 2025 में मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के नामबोल सबल लेइकाई चौराहे पर हुआ था। एनआईए की जांच से यह सामने आया है कि पीएलए के कैडर प्रतिबंधित आग्नेयास्त्रों और विस्फोटक पदार्थों से लैस होकर चौराहे पर इकट्ठा हुए थे। उन्होंने असम राइफल्स के 33 बटालियन के ट्रक पर घात लगाकर हमला किया, जिससे ट्रक को नुकसान पहुंचा। इस हमले में दो जवान शहीद हुए और पांच घायल हुए। एनआईए का मानना है कि यह हमला पीएलए द्वारा आतंक फैलाने, देश में असुरक्षा उत्पन्न करने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की योजना का हिस्सा था।

एनआईए ने नवंबर 2025 में स्थानीय पुलिस से मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच के दौरान संगठित साजिश, हथियारों की उपलब्धता और हमले की योजना का खुलासा हुआ। आरोपियों पर आतंकवादी गतिविधियां, हत्या का प्रयास, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और विस्फोटक पदार्थों का अवैध उपयोग जैसे गंभीर आरोप हैं।

यह मामला आरसी-03/2025/एनआईए/आईएमपी के तहत दर्ज है। एनआईए ने कहा कि जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है। पीएलए जैसे संगठन पूर्वोत्तर में सक्रिय हैं और सुरक्षा बलों पर हमले करते रहते हैं। इस आरोप पत्र से आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में नई तेजी आएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

Point of View

जिसमें निर्दोष जवानों का जीवन खो गया। एनआईए की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह हमारे देश की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

इस हमले में कितने जवान शहीद हुए?
इस हमले में दो असम राइफल्स जवान शहीद हुए थे।
क्या एनआईए ने पहले भी इस तरह के मामले में कार्रवाई की है?
हाँ, एनआईए ने इस मामले में पहले भी कई मामलों की जांच की है और कई आरोप पत्र दायर किए हैं।
पीएलए का उद्देश्य क्या है?
पीएलए का उद्देश्य पूर्वोत्तर में आतंक फैलाना और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना है।
आरोपियों के खिलाफ कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, शस्त्र अधिनियम, और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।
क्या एनआईए की जांच अभी भी जारी है?
हाँ, एनआईए ने कहा है कि जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।
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