क्या पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आईईडी धमाके से हालात और बिगड़ेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- खैबर पख्तूनख्वा में आईईडी धमाका हुआ जिसमें एक की मौत और नौ घायल हुए।
- इस प्रकार के हमले सुरक्षा बलों की क्षमता पर सवाल उठाते हैं।
- पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताई है।
इस्लामाबाद, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आर्थिक संकट से जूझते पाकिस्तान में स्थिति अधिक अनुकूल नहीं है। खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले में सोमवार को एक आईईडी धमाका हुआ। इस धमाके का लक्ष्य एक सीमेंट फैक्ट्री की गाड़ी थी, जिसमें घर में बनाई गई विस्फोटक डिवाइस का इस्तेमाल किया गया। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि इस ब्लास्ट में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हुए।
पुलिस ने बताया कि धमाका नवारखेल मोड़ के पास बेगुखेल रोड पर हुआ। जियो न्यूज ने बताया कि मृतक की पहचान फरीदुल्लाह के रूप में हुई है। घायलों में मीर अहमद, अब्दुल मलिक, उमर खान, मसल खान और सैयद जान शामिल हैं।
धमाके के तुरंत बाद, रेस्क्यू 1122 की टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को लक्की के सिटी हॉस्पिटल ले गई। हाल के दिनों में बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों पर हमलों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिससे यह ताजा मामला और भी चिंताजनक हो जाता है।
इस धमाके से एक दिन पहले, लक्की मरवत और बन्नू जिलों में फायरिंग की दो अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसवालों की मौत हुई थी।
पाकिस्तानी जियो न्यूज ने पुलिस प्रवक्ता के हवाले से बताया कि लक्की मरवत के सराय नौरंग में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ट्रैफिक पुलिसवालों पर फायरिंग कर दी, जिसमें तीन पुलिसवाले मारे गए। हमलावर घटना के बाद मौके से फरार हो गए।
मृतकों की पहचान ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज नौरंग जलाल खान, कांस्टेबल अजीजुल्लाह और कांस्टेबल अब्दुल्ला के रूप में हुई है। बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
इसी दौरान, बन्नू के मंडन क्षेत्र में अनजान बंदूकधारियों की फायरिंग में एक पुलिसवाले की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल राशिद खान को उनके घर से ड्यूटी के लिए मंडन पुलिस स्टेशन जाते समय निशाना बनाया गया। 3 जनवरी को, खैबर पख्तूनख्वा में एक पुलिस पोस्ट पर हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो पुलिसवालों समेत तीन अन्य घायल हो गए।
पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने पुलिस और स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि यह हमला बाजौर जिले की बारंग तहसील में सुबह करीब 2 बजे हुआ। जिला पुलिस के प्रवक्ता इसरार खान ने कहा कि मरने वाले की पहचान 60 साल के स्थानीय निवासी नसीम गुल के रूप में हुई।
घायलों में दो पुलिसवाले, कांस्टेबल सुलेमान खान (35) और कांस्टेबल साज मुहम्मद (58), और साहिबजादा (28), एक स्कूल के चौकीदार शामिल हैं। हमलावरों ने भारी और हल्के, दोनों प्रकार के हथियारों का उपयोग किया।
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने 2025 तक खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस क्षेत्र में अक्सर मिलिटेंट हमले होते रहते हैं, जो अत्यंत चिंताजनक हैं।
इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज ने अपनी नई रिपोर्ट 'कॉट इन द क्रॉसफायर: सिविलियंस, सिक्योरिटी एंड द क्राइसिस ऑफ जस्टिस इन खैबर पख्तूनख्वा मर्ज्ड डिस्ट्रिक्ट्स' में कहा है कि अकेले जुलाई 2025 में पूरे देश में कम से कम 82 मिलिटेंट हमले हुए, जिनमें खैबर पख्तूनख्वा का हिस्सा लगभग दो-तिहाई था। इसमें खैबर पख्तूनख्वा के पुराने ट्राइबल जिले भी शामिल हैं।
इसके अलावा, सितंबर 2025 में प्रांत में 45 मिलिटेंट हमले दर्ज किए गए, जिनमें 54 लोग मारे गए और 49 घायल हुए।
एचआरसीपी के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) के अध्यक्ष मियां इफ्तिखार हुसैन ने सुरक्षा की स्थिति को खतरनाक बताया और कहा कि कई मिलिटेंट संगठन न केवल विलय किए गए जिलों में बल्कि प्रांत के बसे हुए इलाकों में भी सक्रिय हैं। इसके अलावा, आतंकवादी संगठन दाएश कथित तौर पर इस इलाके में सक्रिय है।