क्या दिल्ली हाईकोर्ट ने डिफेंस कॉलोनी में बस्ती बावली मस्जिद के आस-पास अतिक्रमण हटाने की याचिका का निपटारा किया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाई कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने की याचिका का निपटारा किया।
- प्राधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- याचिका सेव इंडिया फाउंडेशन द्वारा दायर की गई थी।
- अतिक्रमण डिफेंस कॉलोनी के शैक्षणिक संस्थानों के बीच है।
- अतिक्रमण हटाने के लिए कोई तत्काल आदेश नहीं है।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने डिफेंस कॉलोनी की बस्ती बावली मस्जिद और इसके आस-पास अतिक्रमण हटाने की मांग करने वाली एक याचिका का निपटारा किया है।
यह याचिका सेव इंडिया फाउंडेशन द्वारा दायर की गई थी। अदालत ने इस पर कोई सीधा आदेश देने से इनकार किया है, लेकिन संबंधित प्राधिकारियों को शिकायत पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स सहित कई उच्च अधिकारियों को 25 नवंबर 2025 को औपचारिक शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
याचिका में मांग की गई थी कि एसटीएफ को इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह भूमि दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र में दो शैक्षणिक संस्थानों के बीच स्थित है। एक ओर सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय है और दूसरी ओर शारदा पब्लिक स्कूल। इस स्थान पर अवैध कब्जे की वजह से आम लोग और छात्रों को मूल लेआउट प्लान में निर्धारित खुले स्थान, खेल के मैदान या भविष्य में बनने वाले शैक्षणिक ढांचे का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए प्राधिकारियों से कहा कि वे शिकायत की जांच करें और कानून के तहत जरूरी कदम उठाएं। हालांकि, अदालत ने अतिक्रमण हटाने का कोई तत्काल आदेश नहीं दिया है, जिससे याचिकाकर्ता को राहत नहीं मिली। सेव इंडिया फाउंडेशन ने इस मामले को सार्वजनिक हित में उठाया था, ताकि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से लोगों को होने वाली परेशानी दूर हो सके।
इस फैसले के बाद अब संबंधित विभागों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी आ गई है। संबंधित विभाग सर्वे कराकर या अन्य कानूनी प्रक्रिया अपनाकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।