क्या भाजपा ने जिस स्याही से पन्नों पर लिखा, वह झूठ की स्याही थी? चंद्रशेखर बावनकुले को नवाब मलिक का जवाब
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मुंबई, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अजित पवार के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भाजपा नेता और महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को एक मजबूती से जवाब दिया है। बावनकुले के 'भाजपा को अतीत के पन्ने खोलने पर मजबूर न करें' बयान पर नवाब मलिक ने कहा कि भाजपा ने जिस स्याही से पन्नों पर लिखा था, वह झूठ की स्याही थी।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में एनसीपी (अजित पवार) के नेता नवाब मलिक ने कहा, "भाजपा जिस तरह अजित पवार को धमका रही है कि 'हम पुराने पन्ने पलटेंगे, तो बहुत कुछ बाहर आएगा'। आपने (भाजपा) जिस स्याही से पन्नों पर लिखा था, वह झूठ की स्याही थी। पन्ने पलटकर देख लो, कोरे पन्ने हैं।"
नवाब मलिक ने कहा, "जिस तरह एनसीपी भाजपा और शिवसेना को चुनौती दे रही है, इसी कारण इस तरह के बयान आ रहे हैं। हम पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। हमें जनसमर्थन मिलता देख बौखलाहट में इस तरह के बयान आ रहे हैं।"
अंबरनाथ नगर परिषद में सिविक चुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस के दुर्लभ गठबंधन पर भी नवाब मलिक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भाजपा 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की बात कह रही थी, लेकिन अंबरनाथ में कांग्रेस से गठबंधन करके सत्ता हथियाने का काम किया गया है। इससे भाजपा का चेहरा भी बेनकाब हुआ है।"
उन्होंने कहा, "सेकुलरिज्म का दम भरने वाली कांग्रेस ने हमारे ऊपर सवाल खड़े किए थे, आज वही भाजपा से हाथ मिला रही है। इससे पहले भी कांग्रेस ने कई जगहों पर भाजपा के साथ मिलकर सत्ता बनाई। अंबरनाथ के राजनीतिक घटनाक्रम ने लोगों के जहन में फिर से चीजें साफ कर दी गई हैं।"
एनसीपी (अजित गुट) के नेता ने कहा, "हमें लगता है कि चाल, चलन और चेहरे की बात करने वाले लोग और नीति की बात करने वाले लोग सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इससे स्पष्ट हो रहा है।" उन्होंने कहा कि बहुत सारे कांग्रेस के नेता भाजपा में जा रहे हैं या सत्ता बनाने के लिए भाजपा के साथ बैठ जाते हैं, इसीलिए कांग्रेस का पतन हो रहा है।
एनसीपी के दोनों गुटों को लेकर नवाब मलिक ने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता चाहते हैं कि दोनों गुट फिर से एकजुट हो जाएं। अभी परिवार की दूरियां दूर हो चुकी हैं। कई जगहों पर मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। लोगों का मनमुटाव भी कम हुआ है। हालांकि एकजुटता को लेकर अजित पवार और शरद पवार को लेना है।