एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की स्वतंत्र जांच की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान के हवाई हमले में १३ नागरिकों की मौत हुई।
- एमनेस्टी इंटरनेशनल ने स्वतंत्र जांच की मांग की।
- यूएनएएमए ने हमलों की निंदा की।
- अफगान रक्षा मंत्रालय ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
- सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध।
काबुल, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की निंदा करते हुए एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने स्वतंत्र, गहन और निष्पक्ष जांच की अपील की।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सभी संघर्षरत पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतर्गत नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।
बयान में कहा गया, "हम २१ और २२ फरवरी को नंगरहार प्रांत में पाकिस्तान के हवाई हमलों के कारण नागरिकों की हताहत होने की रिपोर्टों को लेकर चिंतित हैं। ऐसे नुकसान की गहन, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।"
बयान में यह भी कहा गया, "यह पहली बार नहीं है जब आम लोगों को ताकत के इस्तेमाल का खामियाजा भुगतना पड़ा है। पहले, अफगानिस्तान में यूनाइटेड नेशंस असिस्टेंस मिशन ने अक्टूबर और दिसंबर 2025 के बीच 70 आम लोगों के मारे जाने और 478 अन्य के घायल होने के लिए पाकिस्तानी मिलिट्री फोर्स को जिम्मेदार ठहराया था।
यूएनएएमए ने बताया कि पाकिस्तान के हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम १३ लोग मारे गए।
इन हवाई हमलों के दौरान, नंगरहार के बहसूद और खोगियानी जिलों में १३ लोग मारे गए और सात अन्य घायल हुए।
खामा प्रेस के अनुसार, ये हमले दोपहर १:४५ बजे तक जारी रहे। पक्तिका के बरमल जिले में किए गए दो हमलों में एक स्कूल और एक मस्जिद को निशाना बनाया गया।
यूएनएएमए ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा की और सभी पक्षों से दुश्मनी को समाप्त करने और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का पालन करने की अपील की।
२२ फरवरी को अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था पर आरोप लगाया कि उसने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों के विभिन्न रिहायशी इलाकों में घातक हवाई हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप कई नागरिकों की मृत्यु हुई।
मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में एक मदरसा और कई रिहायशी घरों को निशाना बनाया गया, जिससे कई नागरिक मारे गए और घायल हुए।
अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन ऐसे समय में हुआ है जब काबुल इसे पाकिस्तान की बार-बार की आक्रामक कार्रवाइयों के रूप में देख रहा है।
हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अफगान रक्षा मंत्रालय ने इसे अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी कि उचित समय पर उपयुक्त और संतुलित प्रतिक्रिया दी जाएगी।
मंत्रालय ने कहा कि नागरिक आबादी और धार्मिक संस्थानों पर हमले पाकिस्तान सेना की खुफिया और सुरक्षा विफलताओं का स्पष्ट प्रमाण हैं।