चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष विराम की मांग की, वैश्विक चिंता बढ़ी
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नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता व्यक्त की है और इस मुद्दे को संवाद के माध्यम से सुलझाने की अपील की है।
चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीजफायर की मांग की है और बताया है कि वह दोनों देशों के बीच हिंसक घटनाओं को समाप्त करने के लिए वार्ता कर रहा है।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा काबुल समेत अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों पर बमबारी के बाद, चीन इस मामले में बढ़ती चिंताओं को लेकर गंभीर है।
चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है, जिससे वहां चीनी नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। इस संदर्भ में चीन का चिंतित होना स्वाभाविक है।
माओ निंग ने एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "चीन दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील करता है। जितनी जल्दी हो सके सीजफायर लागू करें और रक्तपात से बचें।"
उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच झगड़ों के समाधान के लिए लगातार मध्यस्थता की है और तनाव कम करने में सहायक भूमिका निभाने के लिए तत्पर है।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष रिपोर्टर रिचर्ड बेनेट ने भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के सम्मान की अपील की है। उन्होंने कहा, "हिंसा में परिवर्तित हो रहे मौजूदा तनाव को तुरंत कम करना आवश्यक है।"
तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने भी इस संदर्भ में फोन वार्ता की है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान, अफगानिस्तान, कतर और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के साथ चर्चा की।
इसके अलावा, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सऊदी समकक्ष से फोन पर बातचीत की और सीमा पर स्थितियों पर विचार-विमर्श किया।
रूस ने भी दोनों पक्षों से बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने की अपील की है।
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने भी मध्यस्थता की पहल की है, जिसमें उन्होंने रमजान के पवित्र महीने में अच्छे पड़ोसियों की तरह बातचीत से मतभेदों को सुलझाने की बात कही है।