वांग यी और अफगान विदेश मंत्री के बीच महत्वपूर्ण फोन वार्ता
सारांश
Key Takeaways
- चीन और अफगानिस्तान के बीच संवाद महत्वपूर्ण है।
- शांति का स्रोत बनने की दिशा में अफगानिस्तान का प्रयास।
- मध्यस्थता के लिए चीन की भूमिका।
- पड़ोसी देशों के साथ मित्रता की आवश्यकता।
- ईरान की स्थिति पर विचार-विमर्श।
बीजिंग, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के साथ फोन पर संवाद किया। इस बातचीत में मुत्तकी ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष में चीन की मध्यस्थता के प्रयासों की सराहना की।
मुत्तकी ने बताया कि अफगान लोग युद्ध के दर्द से गुजर चुके हैं और वे शांति एवं विकास के अवसरों की तलाश में हैं। अफगानिस्तान अस्थिरता का नहीं, बल्कि शांति का केंद्र बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि अफगान क्षेत्र का उपयोग किसी पड़ोसी देश पर हमले के लिए नहीं किया जाएगा और वे युद्ध की कोई इच्छा नहीं रखते। मुत्तकी ने उम्मीद जताई कि पड़ोसी देश एक-दूसरे के साथ विश्वास और मित्रता के संबंध विकसित करेंगे।
वांग यी ने कहा कि जैसे-जैसे बाहरी वातावरण अस्थिर होता है, क्षेत्रीय देशों के लिए एकजुट होना और कठिनाइयों का सामना करना उतना ही महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान भाई हैं और दोनों देशों के बीच मुद्दों का समाधान केवल संवाद और परामर्श के माध्यम से ही संभव है। बल प्रयोग से स्थिति और जटिल हो जाएगी।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन के अफगानिस्तान मामलों के विशेष दूत दोनों देशों के बीच मध्यस्थता में लगे हुए हैं। चीन चाहता है कि दोनों पक्ष संयम बरतें और जल्द से जल्द आमने-सामने वार्ता करें।
इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने ईरान की स्थिति पर भी चर्चा की। वांग यी ने कहा कि चीन शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)