तेलंगाना ने ‘जीआई ऑन व्हील्स’ की बसों की शुरुआत की, सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना ने ‘जीआई ऑन व्हील्स’ की बसों की शुरुआत की, सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा

सारांश

तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम ने 'जीआई ऑन व्हील्स' बसों का उद्घाटन किया है। यह पहल स्थानीय कला को बढ़ावा देने और कारीगरों को पहचान दिलाने के लिए शुरू की गई है। बसों पर प्रदर्शित कलाकृतियां राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं।

मुख्य बातें

तेलंगाना ने ‘जीआई ऑन व्हील्स’ बसों की शुरुआत की।
बसों पर प्रदर्शित कलाकृतियां स्थानीय कला को बढ़ावा देती हैं।
इस पहल का उद्देश्य कारीगरों को पहचान दिलाना है।
यह सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने का एक प्रयास है।
बसों के डिजाइन जेएनएएफएयू के छात्रों द्वारा बनाए गए हैं।

हैदराबाद, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) ने 'जीआई (भौगोलिक संकेतक) ऑन व्हील्स' बसों का उद्घाटन किया है। ये बसें जीआई-टैग प्राप्त विरासत उत्पादों से प्रेरित सांस्कृतिक और कलात्मक चित्रों से सजी हैं, जिन्हें शुक्रवार को महात्मा गांधी बस स्टेशन (एमजीबीएस) से तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया।

छह जिलों के लिए छह अलग-अलग जीआई कला थीम पर आधारित एक्सप्रेस बसें शुरू की गई हैं। इन बसों पर प्रदर्शित जीआई-थीम आधारित कलाकृतियां तेलंगाना की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक कला रूपों, हथकरघा और हस्तशिल्प विरासत को दर्शाती हैं। इस पहल का उद्देश्य जीआई उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कारीगरों को समर्थन देना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

राज्यपाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जीआई-टैग प्राप्त कला रूपों के बारे में आम जनता में जागरूकता पैदा करना और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने कहा कि एक युवा राज्य के रूप में तेलंगाना को अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृति समाज की आत्मा है और सांस्कृतिक जागरूकता के बिना सतत विकास संभव नहीं है। इस प्रकार की पहल युवाओं को पारंपरिक कलाओं की ओर प्रेरित करेगी और कारीगरों को पहचान दिलाएगी।

परिवहन मंत्री ने बताया कि सरकार जीआई उत्पादों के प्रचार, विपणन और विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण कारीगरों के लिए आजीविका के अवसर सृजित करेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाएंगे। उन्होंने इस पहल को पूरे राज्य में लागू करने और विस्तार देने में टीजीएसआरटीसी के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के छह प्रमुख जीआई-टैग प्राप्त हस्तशिल्पों को बसों पर कलात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया है, जिनमें पोचमपल्ली इकत, वारंगल धुर्री, करीमनगर सिल्वर फिलिग्री, नारायणपेट साड़ियां, चेरियल स्क्रॉल पेंटिंग और निर्मल पेंटिंग्स शामिल हैं।

तेलंगाना के कारीगरों की कौशल और शिल्पकला का प्रतिनिधित्व करने वाले ये कला रूप अब सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से शहरों और गांवों में व्यापक पहचान प्राप्त करेंगे। मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रचार के लिए एक रचनात्मक मंच में बदलना है।

टीजीएसआरटीसी के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नागी रेड्डी ने कहा कि यह पहल तेलंगाना की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है और राज्यपाल की परिकल्पना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि बसों पर जीआई कला का प्रदर्शन संस्कृति को आम लोगों के करीब लाएगा और कारीगरों को प्रोत्साहित करेगा।

बसों पर प्रदर्शित डिजाइन जवाहरलाल नेहरू वास्तुकला और ललित कला विश्वविद्यालय (जेएनएएफएयू) के छात्रों द्वारा तैयार किए गए हैं। इस अवसर पर छात्रों को नकद पुरस्कार और स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्थानीय कारीगरों को भी प्रोत्साहित करती है। यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने और आम जनता में सांस्कृतिक जागरूकता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीआई ऑन व्हील्स बसों का उद्देश्य क्या है?
इन बसों का उद्देश्य जीआई-टैग प्राप्त कला रूपों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कारीगरों को समर्थन देना है।
कौन-कौन सी कला रूप इस पहल में शामिल हैं?
इस पहल में पोचमपल्ली इकत, वारंगल धुर्री, करीमनगर सिल्वर फिलिग्री, नारायणपेट साड़ियां, चेरियल स्क्रॉल पेंटिंग और निर्मल पेंटिंग्स शामिल हैं।
इस पहल के शुभारंभ में किसने भाग लिया?
इस पहल का शुभारंभ तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने किया।
इस पहल का क्या महत्व है?
यह पहल तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और कारीगरों को पहचान दिलाने में मदद करेगी।
क्या यह पहल पूरे राज्य में लागू होगी?
जी हां, इस पहल को पूरे राज्य में लागू करने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले