तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के नेताओं ने बाबू जगजीवन राम को श्रद्धांजलि अर्पित की

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तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के नेताओं ने बाबू जगजीवन राम को श्रद्धांजलि अर्पित की

सारांश

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके संघर्ष और योगदान को याद करते हुए नेताओं ने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

Key Takeaways

  • बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी गई।
  • तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने उनके योगदान की सराहना की।
  • जातिगत भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ उनका संघर्ष महत्वपूर्ण है।
  • राज्यपाल ने उनकी विरासत को जीवित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

हैदराबाद, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल ने रविवार को स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जुबली हिल्स स्थित अपने निवास पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के वंचित वर्गों और श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।

उन्होंने याद दिलाया कि बाबू जगजीवन राम ने जातिगत भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ संघर्ष किया और अपने जीवन को दलितों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी से प्रेरणा लेकर, तेलंगाना सरकार सामाजिक न्याय और सभी वर्गों की भलाई सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।

तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने बाबू जगजीवन राम जयंती के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने बाबू जगजीवन राम को एक महान राष्ट्रीय नेता, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक न्याय के प्रणेता के रूप में प्रस्तुत किया, जिन्होंने हाशिए पर पड़े लोगों के उत्थान के लिए काम किया। समानता और समावेशी विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने एक प्रगतिशील भारत के निर्माण में योगदान दिया।

राज्यपाल ने कहा कि उनकी विरासत सदैव जीवित रहनी चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों को एक न्यायपूर्ण, समावेशी और दयालु समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहे।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी बाबू जगजीवन राम को श्रद्धांजलि दी और उन्हें एक वीर नायक बताया, जिन्होंने अपना जीवन समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि एक समाज सुधारक के रूप में, बाबू जगजीवन राम ने छुआछूत के खिलाफ संघर्ष किया और जनचेतना जागृत की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लंबे समय तक सांसद के रूप में सेवा करते हुए उन्होंने विधानसभाओं में अपनी काबिलियत साबित की और अपने अंतिम क्षणों तक, वे केवल दलित समुदाय की मुक्ति के लिए ही प्रयासरत रहे।

बाबू जगजीवन राम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आने वाली पीढ़ियां उनकी प्रेरणा को आगे बढ़ाएंगी।

आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने बाबू जगजीवन राम की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने कहा कि जगजीवन राम एक महान नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने समानता और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य किया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र-निर्माण में उनका बहुमूल्य योगदान और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देशवासियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

बाबू जगजीवन राम कौन थे?
बाबू जगजीवन राम एक स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व उप प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
बाबू जगजीवन राम की जयंती कब मनाई जाती है?
बाबू जगजीवन राम की जयंती प्रत्येक वर्ष 5 अप्रैल को मनाई जाती है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के नेताओं ने बाबू जगजीवन राम को श्रद्धांजलि क्यों अर्पित की?
नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए समाज में समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
बाबू जगजीवन राम का समाज में क्या योगदान था?
उन्होंने जातिगत भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ संघर्ष किया और दलितों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया।
बाबू जगजीवन राम की विरासत क्या है?
उनकी विरासत सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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