आयशा टाकिया: फिल्मी करियर छोड़ शादी के लिए अपनाया इस्लाम
सारांश
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मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुस्कान और स्टाइल के साथ पहचान बनाने वाली आयशा टाकिया, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत अजय देवगन के साथ की थी, आज भी चर्चा का विषय हैं।
उन्होंने 'टार्जन: द वंडर कार' जैसी सफल फिल्मों से अपनी पहचान बनाई, और करोड़ों दर्शकों का दिल जीता। आज वे अपने व्यक्तिगत जीवन और सामाजिक कार्यों में व्यस्त हैं, जबकि उनकी 'वॉन्टेड' जैसी फिल्में आज भी दर्शकों को भाती हैं। अभिनेत्री 10 अप्रैल को अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं।
आयशा का जन्म मुंबई में हुआ और उन्होंने बचपन से ही फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने की ठान ली थी। केवल 5 साल की उम्र में उन्होंने अपने इरादे जाहिर किए और 15 साल की उम्र में सिंगर फाल्गुनी पाठक के गाने 'मेरी चुनर उड़-उड़ जाए' से अपने करियर की शुरुआत की। उनका पहला गाना ही हिट हुआ और इसके बाद सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ने लगीं।
2004 में आयशा को अभय देओल के साथ फिल्म 'सोचा ना था' में कास्ट किया गया। फिल्म की शूटिंग तो पूरी हुई लेकिन यह समय पर रिलीज नहीं हो पाई, जिसके बाद उन्होंने 'टार्जन: द वंडर कार' में काम किया, जो उसी वर्ष रिलीज हुई, जबकि 'सोचा ना था' 2005 में आई।
'टार्जन: द वंडर कार' के चलते आयशा ने बॉलीवुड में अपनी छाप छोड़ी और इसके लिए उन्हें बेस्ट फिल्मफेयर डेब्यू अवॉर्ड मिला। उन्होंने 'दिल मांगे मोर', 'वॉन्टेड', 'सलाम-ए-इश्क', 'पाठशाला', 'शादी नंबर 1' और तेलुगु फिल्म 'रॉबरी' में भी अभिनय किया। हालांकि, ज्यादातर फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन सलमान खान के साथ 'वॉन्टेड' को काफी सराहा गया।
आयशा की आखिरी फिल्म 'मोड़' भी बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन उनके किरदार की तारीफ हुई। उन्होंने इस फिल्म में गंभीर महिला का रोल निभाया। इसके बाद, आयशा ने बॉलीवुड को छोड़कर अपने प्रेमी फरहान आजमी से शादी कर ली और इस्लाम को स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने फिर से सिनेमा में काम नहीं किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शादी के बाद उनका ध्यान केवल अपने व्यक्तिगत जीवन पर होगा और वे कभी भी सिनेमा में वापसी नहीं करेंगी।