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गीता कपूर जन्मदिन: एयर होस्टेस का सपना टूटा, बनीं बॉलीवुड की 'कोरियोग्राफी क्वीन'

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गीता कपूर जन्मदिन: एयर होस्टेस का सपना टूटा, बनीं बॉलीवुड की 'कोरियोग्राफी क्वीन'

सारांश

एयर होस्टेस बनने का सपना कमज़ोर आईसाइट ने तोड़ा, लेकिन गीता कपूर ने नृत्य को अपनी नियति बना लिया। 15 साल की उम्र में फराह खान की असिस्टेंट से लेकर 'शीला की जवानी' तक — आज 52वें जन्मदिन पर 'गीता मां' बॉलीवुड और टेलीविजन दोनों की कोरियोग्राफी क्वीन हैं।

मुख्य बातें

गीता कपूर का जन्म 5 जुलाई 1973 को मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ; आज वे 52 वर्ष की हुईं।
बचपन में एयर होस्टेस बनने का सपना कमज़ोर आईसाइट के कारण अधूरा रह गया, जिसके बाद उन्होंने नृत्य में करियर बनाया।
महज 15 वर्ष की आयु में कोरियोग्राफर फराह खान के साथ असिस्टेंट के रूप में काम शुरू किया; 'कुछ कुछ होता है' , 'ओम शांति ओम' सहित कई ब्लॉकबस्टर में कोरियोग्राफी की।
फिल्म 'तीस मार खान' के गाने 'शीला की जवानी' की कोरियोग्राफी ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई।
2009 में 'डांस इंडिया डांस' से टेलीविजन पर कदम रखा; फ़िलहाल 'इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5' में जज हैं।

बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर आज 5 जुलाई 2025 को अपना 52वाँ जन्मदिन मना रही हैं। मुंबई में जन्मी गीता को प्यार से 'गीता मां' कहा जाता है — एक ऐसी पहचान जो उन्होंने दशकों की मेहनत, फराह खान जैसी दिग्गज के साथ काम और टेलीविजन के पर्दे पर अपनी बेबाक उपस्थिति से अर्जित की है। उनकी कहानी एक टूटे सपने से शुरू होकर इंडस्ट्री के शीर्ष तक पहुँचने की कहानी है।

टूटा सपना, नई राह

5 जुलाई 1973 को मुंबई के एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी गीता के पिता का नाम महेंद्रनाथ कपूर और माँ का नाम रानी कपूर है। बचपन से उनका सपना एयर होस्टेस बनने का था, लेकिन कमज़ोर आईसाइट ने इस राह में रोड़ा अटका दिया। यह ऐसे समय में आया जब उनके सामने करियर की दिशा तय करने की चुनौती थी। नृत्य के प्रति स्वाभाविक लगाव ने उन्हें डांस क्लास की ओर मोड़ा — और यहीं से एक नई इबारत लिखी जाने लगी।

फराह खान की छत्रछाया में शुरुआत

गीता ने महज 15 वर्ष की आयु में बॉलीवुड की जानी-मानी कोरियोग्राफर फराह खान के साथ बतौर असिस्टेंट काम शुरू किया। इस साझेदारी में उन्होंने 'कुछ कुछ होता है', 'दिल तो पागल है', 'कभी खुशी कभी गम', 'मैं हूं ना', 'मोहब्बतें' और 'ओम शांति ओम' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में कोरियोग्राफी की। गौरतलब है कि ये वे फिल्में हैं जो आज भी बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर की पहचान मानी जाती हैं।

स्वतंत्र पहचान और 'शीला की जवानी'

फराह खान के साथ अनुभव हासिल करने के बाद गीता ने एक स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में 'फिजा', 'अशोका', 'साथिया', 'हे बेबी' और 'अलादीन' जैसी फिल्मों में काम किया। फिल्म 'तीस मार खान' के गाने 'शीला की जवानी' की कोरियोग्राफी ने उन्हें व्यापक सराहना दिलाई और उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम पर स्थापित किया।

टेलीविजन पर 'गीता मां' की धमक

2009 में ज़ी टीवी पर प्रसारित 'डांस इंडिया डांस' (DID) में बतौर जज और मेंटोर उनकी एंट्री ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने 'सुपर डांसर', 'इंडियाज़ बेस्ट डांसर' और 'DID लिटिल मास्टर्स' में भी जज की भूमिका निभाई। फ़िलहाल वे 'इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5' में कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस, अभिनेत्री करिश्मा कपूर और अभिनेता जावेद जाफ़री के साथ जज के रूप में नज़र आ रही हैं।

निजी जीवन और आगे की राह

गीता कपूर अविवाहित हैं और अपनी माँ के साथ मुंबई में रहती हैं। अपनी बेबाक और स्पष्टवादी छवि के लिए जानी जाने वाली गीता ने हमेशा अपनी शर्तों पर जीवन जिया है। 52 वर्ष की आयु में भी उनकी ऊर्जा और नृत्य के प्रति समर्पण उन्हें नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और नृत्य जैसे क्षेत्र को 'असली करियर' नहीं माना जाता। यह ऐसे समय में प्रासंगिक है जब डांस रियलिटी शो की बाढ़ ने लाखों युवाओं को कोरियोग्राफी को पेशे के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया है। गीता ने फराह खान की छत्रछाया में जो नींव रखी, वह यह भी बताती है कि मेंटरशिप किस तरह किसी प्रतिभा को उद्योग में स्थापित कर सकती है — एक सबक जो आज के क्रिएटर इकॉनमी के दौर में और भी अहम है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गीता कपूर कौन हैं और उन्हें 'गीता मां' क्यों कहते हैं?
गीता कपूर बॉलीवुड की प्रमुख कोरियोग्राफर और टेलीविजन जज हैं, जिनका जन्म 5 जुलाई 1973 को मुंबई में हुआ। 'डांस इंडिया डांस' में मेंटोर के रूप में प्रतिभागियों के प्रति उनके मातृत्व-भाव के कारण दर्शकों ने उन्हें प्यार से 'गीता मां' कहना शुरू किया।
गीता कपूर ने अपने करियर की शुरुआत कैसे की?
गीता कपूर ने महज 15 वर्ष की आयु में कोरियोग्राफर फराह खान के साथ असिस्टेंट के रूप में काम शुरू किया। इस दौरान उन्होंने 'कुछ कुछ होता है', 'दिल तो पागल है' और 'ओम शांति ओम' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में कोरियोग्राफी की।
गीता कपूर का सबसे चर्चित काम कौन-सा है?
फिल्म 'तीस मार खान' के गाने 'शीला की जवानी' की कोरियोग्राफी को उनके करियर का सबसे चर्चित काम माना जाता है। इसके अलावा 'फिजा', 'अशोका', 'साथिया' और 'हे बेबी' में भी उनकी कोरियोग्राफी की सराहना हुई।
गीता कपूर इस समय किस शो में जज हैं?
गीता कपूर फ़िलहाल 'इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5' में जज की भूमिका निभा रही हैं। उनके साथ कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस, अभिनेत्री करिश्मा कपूर और अभिनेता जावेद जाफ़री भी जज के रूप में हैं।
गीता कपूर का एयर होस्टेस बनने का सपना क्यों अधूरा रह गया?
बचपन में गीता कपूर एयर होस्टेस बनना चाहती थीं, लेकिन कमज़ोर आईसाइट के कारण यह सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बाद नृत्य के प्रति लगाव ने उन्हें डांस क्लास की ओर मोड़ा और वे बॉलीवुड कोरियोग्राफी की दुनिया में कदम रखने वाली बनीं।
राष्ट्र प्रेस
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