शंकर दयाल शर्मा जयंती: ओम बिरला, गडकरी, शिवराज समेत कई नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारत के नौवें राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा की जयंती पर 19 अगस्त 2026 को देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें नमन किया और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
ओम बिरला की श्रद्धांजलि
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'एक प्रखर शिक्षाविद, विधिवेत्ता और कुशल राजनेता के रूप में उन्होंने शिक्षा, संस्कृति व लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र के प्रति उनकी समर्पित सेवाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी।' बिरला ने शर्मा को एक ऐसे राष्ट्रनायक के रूप में याद किया जिन्होंने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में अपना जीवन समर्पित किया।
गडकरी, शिवराज और मनोहर लाल का नमन
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व राष्ट्रपति को 'विनम्र अभिवादन' अर्पित किया। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें 'सादगी, सेवा और विनम्रता का पर्याय' बताते हुए कहा कि शर्मा के प्रखर विचार और आदर्श जीवन जनसेवा व राष्ट्र उत्थान के लिए सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। चौहान ने यह भी रेखांकित किया कि शर्मा मध्यप्रदेश की माटी के गौरव और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।
आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने भी उन्हें 'स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सादगी के प्रतीक' के रूप में याद करते हुए कहा कि उनका आदर्श जीवन आने वाली पीढ़ियों को जनसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा (BJP) अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण, सार्वजनिक जीवन में सादगी और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उन्हें 'महान शिक्षाविद, प्रखर विधिवेत्ता और राष्ट्रसेवी' बताते हुए शत-शत नमन किया।
शंकर दयाल शर्मा: एक परिचय
गौरतलब है कि शंकर दयाल शर्मा भारत के नौवें राष्ट्रपति थे और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ शिक्षा एवं विधि के क्षेत्र में भी उनका विशिष्ट योगदान रहा। वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत के उपराष्ट्रपति भी रहे। उनकी जयंती पर प्रतिवर्ष देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
आगे क्या
इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। शर्मा की विरासत — शिक्षा, लोकतंत्र और सादगी — आज भी सार्वजनिक जीवन में प्रासंगिक मानी जाती है।