बिहार एमएलसी चुनाव पर पप्पू यादव का हमला: 'माफिया, अपराधी और धन-पशु को टिकट दे रहे राजद-कांग्रेस'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने 4 अक्टूबर 2026 को बिहार एमएलसी चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच जारी तकरार पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दोनों दलों पर आरोप लगाया कि वे माफिया, अपराधी और 'धन-पशु' को चुनावी मैदान में उतार रहे हैं। यादव के अनुसार, जेल जाने वाले और महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी उम्मीदवारों को भी बेझिझक टिकट थमाए जा रहे हैं।
मुख्य आरोप और बयान
पप्पू यादव ने कहा, 'सब अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं। सब माफिया, अपराधी, धन-पशु को चुनाव लड़ा रहे हैं। एक नई-नवेली दुल्हन तो सब पार्टी को पार कर गई — सारी पार्टी की गरिमा पार कर गई। जितने भी धन, पशु-बलात्कारी थे, सब उसमें आ गए। सबको टिकट भी दे दिए गए। जेल जाने वाले और लड़की का यौन शोषण करने वाले को टिकट दिया जाता है। ये हालात अच्छे नहीं हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे पर खींचतान जारी है।
बिहार बाढ़ पर तीखा वार
पूर्णिया सांसद ने बिहार की बाढ़ स्थिति पर भी राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि असम, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों में बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद होती है, लेकिन बिहार के लोगों को 'लात मारी जाती है।' यादव के अनुसार मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, सांसद और विधायक तक — सभी जनता की अनदेखी कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि छपरा के लोग चार दिनों से भूखे हैं और उनके पास खाने तक का सहारा नहीं है। यादव ने बताया कि उन्होंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तीन रातें गुज़ारीं। गौरतलब है कि बिहार में बाढ़ हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करती है, लेकिन राहत-वितरण की धीमी गति पर सवाल हमेशा उठते रहे हैं।
भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर प्रतिक्रिया
पप्पू यादव ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार के मामले पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया को सम्मान करना चाहिए। एक इंसान की भी कीमत होती है, जो राष्ट्रपति और प्राइम मिनिस्टर हो सकता है, बैरिस्टर हो सकता है, साइंटिस्ट हो सकता है, दुनिया का सबसे बड़ा निर्माणकर्ता हो सकता है। उस कैप्टन को — भारतीय पायलट के लिए — हमें सबसे ऊँचा सम्मान रखना चाहिए।'
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
बिहार में एमएलसी चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच आंतरिक खींचतान उजागर होना राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है। पप्पू यादव, जो किसी बड़े गठबंधन से अलग रहकर स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में हैं, अक्सर विपक्षी दलों की खुलकर आलोचना करते हैं। आलोचकों का कहना है कि यादव के ये बयान बिहार में विपक्ष की एकता को और कमज़ोर कर सकते हैं।