10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वी.वी. गिरि जयंती 2026: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत दर्जनों नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति को दी श्रद्धांजलि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वी.वी. गिरि जयंती 2026: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत दर्जनों नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति को दी श्रद्धांजलि

सारांश

भारत के चौथे राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. वी.वी. गिरि की जयंती पर 10 अगस्त को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर कांग्रेस तक — सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के नेताओं ने उनके श्रमिक अधिकारों व राष्ट्रसेवा में योगदान को याद किया।

मुख्य बातें

10 अगस्त को भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डॉ.
गिरि की जयंती पर देशव्यापी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने डॉ.
गिरि को श्रमिकों और वंचित वर्गों के अधिकारों का प्रतीक बताया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , मनोहर लाल और शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी नमन किया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मजदूर आंदोलन में उनके योगदान को 'भारत के इतिहास का अहम हिस्सा' बताया।
गिरि 1969–1974 तक भारत के चौथे राष्ट्रपति रहे और स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले राष्ट्रपति थे।

10 अगस्त को भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. वराहगिरि वेंकट गिरि (वी.वी. गिरि) की जयंती पर देशभर के राजनीतिक नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्रियों और विपक्षी दलों सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. गिरि के श्रमिक अधिकारों एवं राष्ट्रसेवा में योगदान को याद किया।

लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भारत रत्न से सम्मानित देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. वी.वी. गिरि की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन। डॉ. गिरि का सार्वजनिक जीवन श्रमिकों, कामगारों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उनका सरल व्यक्तित्व, दृढ़ विचार और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा सभी के लिए प्रेरक है।' केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी एक्स पर लिखा, 'स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न वी.वी. गिरि की जयंती पर सादर नमन। सामाजिक कल्याण एवं राष्ट्र उत्थान में आपके द्वारा किए गए अद्वितीय प्रयासों को सदैव याद किया जाएगा।'

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी, देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न वी.वी. गिरि की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र उत्थान और श्रमिकों के कल्याण हेतु किए अप्रतिम प्रयासों के लिए आपको सदैव याद किया जाएगा।'

मुख्यमंत्रियों ने भी किया नमन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा, 'भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न वी.वी. गिरी की जयंती पर कोटिशः नमन। श्रमिक अधिकारों के प्रबल पक्षधर और राष्ट्रहित के लिए समर्पित आपका जीवन देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।' कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने डॉ. गिरि को 'समर्पित स्वतंत्रता सेनानी, जाने-माने ट्रेड यूनियन नेता और राजनेता' बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्रपति पद तक का उनका सफर देश के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विपक्ष की श्रद्धांजलि

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न से सम्मानित वी.वी. गिरि को उनकी जयंती पर याद करते हुए — मजदूर आंदोलन और जन-सेवा में उनका योगदान भारत के इतिहास का एक अहम हिस्सा है।' उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर लिखते हुए डॉ. गिरि को 'मां भारती की सेवा में अमूल्य योगदान' देने वाले नेता के रूप में स्मरण किया।

डॉ. वी.वी. गिरि की विरासत

डॉ. वी.वी. गिरि 1969 से 1974 तक भारत के चौथे राष्ट्रपति रहे। वे एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और श्रमिक आंदोलन के अग्रणी नेता थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। गौरतलब है कि डॉ. गिरि वह पहले व्यक्ति थे जो स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित हुए — भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक अनूठी मिसाल। उनकी जयंती हर वर्ष श्रमिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की याद दिलाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनमें से कई की सरकारें श्रम कानूनों में बदलाव को लेकर ट्रेड यूनियनों के निशाने पर रही हैं। विरासत का सम्मान और उसके मूल्यों पर अमल — इन दोनों के बीच की खाई को पाटना ही डॉ. गिरि को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. वी.वी. गिरि कौन थे?
डॉ. वराहगिरि वेंकट गिरि भारत के चौथे राष्ट्रपति थे, जिन्होंने 1969 से 1974 तक यह पद संभाला। वे एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, ट्रेड यूनियन नेता और श्रमिक अधिकारों के प्रबल पक्षधर थे, जिन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था।
वी.वी. गिरि की जयंती कब मनाई जाती है?
डॉ. वी.वी. गिरि की जयंती प्रतिवर्ष 10 अगस्त को मनाई जाती है। इस अवसर पर देशभर के राजनीतिक नेता उनके योगदान को याद करते हैं।
2026 में वी.वी. गिरि जयंती पर किन प्रमुख नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल, शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. वी.वी. गिरि को भारत रत्न क्यों दिया गया?
डॉ. गिरि को स्वतंत्रता संग्राम, श्रमिक आंदोलन और राष्ट्रसेवा में उनके असाधारण योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वे भारतीय ट्रेड यूनियन आंदोलन के अग्रदूतों में से एक माने जाते हैं।
वी.वी. गिरि का राष्ट्रपति बनना क्यों ऐतिहासिक था?
डॉ. वी.वी. गिरि भारत के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जो स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए। 1969 के राष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत भारतीय लोकतंत्र की एक अनूठी मिसाल बनी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले