वी.वी. गिरि जयंती 2026: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत दर्जनों नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
10 अगस्त को भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. वराहगिरि वेंकट गिरि (वी.वी. गिरि) की जयंती पर देशभर के राजनीतिक नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्रियों और विपक्षी दलों सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. गिरि के श्रमिक अधिकारों एवं राष्ट्रसेवा में योगदान को याद किया।
लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भारत रत्न से सम्मानित देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. वी.वी. गिरि की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन। डॉ. गिरि का सार्वजनिक जीवन श्रमिकों, कामगारों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उनका सरल व्यक्तित्व, दृढ़ विचार और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा सभी के लिए प्रेरक है।' केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी एक्स पर लिखा, 'स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न वी.वी. गिरि की जयंती पर सादर नमन। सामाजिक कल्याण एवं राष्ट्र उत्थान में आपके द्वारा किए गए अद्वितीय प्रयासों को सदैव याद किया जाएगा।'
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी, देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न वी.वी. गिरि की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र उत्थान और श्रमिकों के कल्याण हेतु किए अप्रतिम प्रयासों के लिए आपको सदैव याद किया जाएगा।'
मुख्यमंत्रियों ने भी किया नमन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा, 'भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न वी.वी. गिरी की जयंती पर कोटिशः नमन। श्रमिक अधिकारों के प्रबल पक्षधर और राष्ट्रहित के लिए समर्पित आपका जीवन देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।' कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने डॉ. गिरि को 'समर्पित स्वतंत्रता सेनानी, जाने-माने ट्रेड यूनियन नेता और राजनेता' बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्रपति पद तक का उनका सफर देश के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विपक्ष की श्रद्धांजलि
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न से सम्मानित वी.वी. गिरि को उनकी जयंती पर याद करते हुए — मजदूर आंदोलन और जन-सेवा में उनका योगदान भारत के इतिहास का एक अहम हिस्सा है।' उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर लिखते हुए डॉ. गिरि को 'मां भारती की सेवा में अमूल्य योगदान' देने वाले नेता के रूप में स्मरण किया।
डॉ. वी.वी. गिरि की विरासत
डॉ. वी.वी. गिरि 1969 से 1974 तक भारत के चौथे राष्ट्रपति रहे। वे एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और श्रमिक आंदोलन के अग्रणी नेता थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। गौरतलब है कि डॉ. गिरि वह पहले व्यक्ति थे जो स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित हुए — भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक अनूठी मिसाल। उनकी जयंती हर वर्ष श्रमिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की याद दिलाती है।