15 सितंबर 2026
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अभियंता दिवस 2026: ओम बिड़ला, गडकरी, जयशंकर समेत कई मंत्रियों ने विश्वेश्वरैया को किया नमन

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अभियंता दिवस 2026: ओम बिड़ला, गडकरी, जयशंकर समेत कई मंत्रियों ने विश्वेश्वरैया को किया नमन

सारांश

राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर विदेश मंत्री जयशंकर तक — केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं ने भारत रत्न डॉ. विश्वेश्वरैया को नमन किया और देश के इंजीनियरों को आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत बताया।

मुख्य बातें

15 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने डॉ.
मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि दी।
नितिन गडकरी , शिवराज सिंह चौहान , मनोहर लाल , हरदीप सिंह पुरी , प्रह्लाद जोशी और एस.
जयशंकर ने एक्स पर अपने-अपने संदेश साझा किए।
विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1860 को हुआ था; उन्हें 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
नेताओं ने इंजीनियरों को डिजिटल प्रगति, अंतरिक्ष, ऊर्जा और बुनियादी ढाँचे में भारत की तरक्की का आधार बताया।
विश्वेश्वरैया की जयंती को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय अभियंता दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त है।

राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने भारत के महान अभियंता और भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। देश भर के इंजीनियरों को बधाई देते हुए सभी नेताओं ने विश्वेश्वरैया की विरासत को आधुनिक भारत के निर्माण में अमूल्य बताया।

ओम बिड़ला की श्रद्धांजलि और संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा, 'भारत के महान अभियंता, दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता और भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन, तथा उनकी स्मृति में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय अभियंता दिवस की शुभकामनाएं।' बिड़ला ने कहा कि डॉ. विश्वेश्वरैया ने अपने अद्भुत तकनीकी कौशल, अनुशासन और दूरदर्शिता से भारत के जल-संसाधन, सिंचाई और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने आगे जोड़ा, 'आज जब भारत सशक्त अवसंरचना, आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रगति, आत्मनिर्भरता और नवाचार के नए आयाम गढ़ रहा है, तब हमारे इंजीनियर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।' सड़क, सेतु, जल प्रबंधन, ऊर्जा, अंतरिक्ष और डिजिटल तकनीक — सभी क्षेत्रों में इंजीनियरों की भूमिका को उन्होंने राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।

गडकरी, चौहान और मनोहर लाल का संदेश

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'उनकी अद्भुत दूरदर्शिता, अनुशासन और इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। इंजीनियरिंग का मतलब सिर्फ़ ढाँचे बनाना नहीं, बल्कि एक मजबूत, लचीला और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करना है।' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वेश्वरैया को 'मां भारती के गुणी सपूत' कहते हुए उनके कार्यों को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी एक्स पर लिखा कि डॉ. विश्वेश्वरैया ने 'भारत के नवनिर्माण में अप्रतिम भूमिका' निभाई और उन तमाम कर्मठ इंजीनियरों को अभियंता दिवस की बधाई दी जो राष्ट्र सेवा में जुटे हैं।

जयशंकर, पुरी और प्रह्लाद जोशी की शुभकामनाएँ

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, 'उनका जीवन और काम हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। अभियंता दिवस पर राष्ट्र की प्रगति और विकास में हमारे इंजीनियरों के अहम योगदान को सलाम।' केंद्रीय तेल और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विश्वेश्वरैया को उत्कृष्टता, अनुशासन और राष्ट्र-सेवा की 'अमिट विरासत' का प्रतीक बताते हुए ऊर्जा क्षेत्र के इंजीनियरों को विशेष रूप से बधाई दी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'उनकी विरासत हर उस इंजीनियर में जीवित है जो ज्ञान को इनोवेशन में और विज़न को स्थायी प्रगति में बदलते हैं।' उन्होंने इंजीनियरों की प्रतिभा और देश-निर्माण में उनकी भूमिका को 'गर्व का स्रोत' करार दिया।

डॉ. विश्वेश्वरैया की विरासत

डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1860 को हुआ था। वे भारत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित सिविल इंजीनियरों में से एक थे और उन्हें कृष्णराज सागर बाँध तथा हैदराबाद की बाढ़ सुरक्षा प्रणाली जैसी परियोजनाओं के लिए जाना जाता है। उन्हें 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनकी जयंती प्रतिवर्ष राष्ट्रीय अभियंता दिवस के रूप में मनाई जाती है।

यह दिन भारत के लाखों इंजीनियरों के योगदान को स्वीकार करने का अवसर है — और इस वर्ष नेताओं की भागीदारी इस बात का संकेत है कि तकनीकी श्रम बल को केंद्र सरकार किस दृष्टि से देखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी गुणवत्तापूर्ण रोज़गार और शोध-संस्कृति की कमी एक पुरानी चुनौती बनी हुई है। डॉ. विश्वेश्वरैया की असली विरासत सोशल मीडिया पोस्ट में नहीं, बल्कि उन नीतियों में प्रतिबिंबित होगी जो तकनीकी नवाचार को ज़मीन पर उतारें।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय अभियंता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय अभियंता दिवस प्रतिवर्ष 15 सितंबर को भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर मनाया जाता है। यह दिन देश के इंजीनियरों के योगदान को सम्मानित करने के लिए समर्पित है।
डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया कौन थे?
डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया भारत के महान सिविल इंजीनियर थे जिनका जन्म 15 सितंबर 1860 को हुआ था। उन्होंने कृष्णराज सागर बाँध और हैदराबाद की बाढ़ सुरक्षा प्रणाली जैसी परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाई और 1955 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
2026 के अभियंता दिवस पर किन प्रमुख नेताओं ने शुभकामनाएँ दीं?
2026 के अभियंता दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल, हरदीप सिंह पुरी, प्रह्लाद जोशी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर अपने संदेश साझा किए। सभी ने डॉ. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि दी और देश के इंजीनियरों की सराहना की।
ओम बिड़ला ने अभियंता दिवस पर क्या कहा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि डॉ. विश्वेश्वरैया का जीवन इस बात का प्रमाण है कि ज्ञान, नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्रहित से जोड़ा जाए तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उन्होंने देश के इंजीनियरों को आत्मनिर्भर भारत की प्रगति का आधार स्तंभ बताया।
नितिन गडकरी ने विश्वेश्वरैया के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इंजीनियरिंग का मतलब सिर्फ ढाँचे बनाना नहीं, बल्कि एक मजबूत, लचीला और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करना है। उन्होंने विश्वेश्वरैया की दूरदर्शिता और अनुशासन को आज भी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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