27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस: पोखरण-2 की 28वीं वर्षगांठ पर ओम बिरला, अमित शाह समेत नेताओं की शुभकामनाएं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस: पोखरण-2 की 28वीं वर्षगांठ पर ओम बिरला, अमित शाह समेत नेताओं की शुभकामनाएं

सारांश

पोखरण-2 की 28वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भारत को तकनीक के नए युग की ओर बढ़ता बताया, जबकि अमित शाह ने युवाओं को प्रेरणा का स्रोत मानते हुए विकास के अवसरों की बात कही।

मुख्य बातें

11 मई 1998 को पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों को 28 साल पूरे हो गए।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा भारत चंद्रयान, मंगलयान, गगनयान से लेकर AI तक तकनीक के नए युग की ओर बढ़ रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा मोदी सरकार युवाओं की रचनात्मक क्षमता का सदुपयोग कर विकास को गति दे रही है।
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वैज्ञानिकों की शक्ति को विकसित भारत का आधार बताया।
नीतीश कुमार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की निरंतर प्रगति का विश्वास व्यक्त किया।

नई दिल्ली, 11 मई1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों को 28 साल पूरे हो गए हैं। इस ऐतिहासिक दिन को हर वर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।

ओम बिरला का संदेश: तकनीक के नए युग की ओर भारत

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "11 मई 1998, वह ऐतिहासिक दिन, जब पोखरण (राजस्थान) की धरती से भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता, आत्मविश्वास और सामरिक शक्ति का परिचय कराया। पोखरण-2 परमाणु परीक्षण आत्मनिर्भर, सशक्त और निर्णायक भारत के उदय की घोषणा थी।" उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई और सुरक्षा, संप्रभुता व तकनीकी सामर्थ्य को मजबूती प्रदान की।

बिरला ने आगे कहा, "चंद्रयान, मंगलयान से लेकर गगनयान, सेमीकंडक्टर से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रक्षा उत्पादन से लेकर परमाणु ऊर्जा तक, भारत आज आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के नए युग की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।" उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस आत्मनिर्भर, विकसित और तकनीकी रूप से समृद्ध भारत के संकल्प को और मजबूत करता है।

अमित शाह का संदेश: युवाओं को प्रेरणा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर तकनीकी विशेषज्ञों और तकनीक-प्रेमी युवाओं को शुभकामनाएं दीं। शाह ने एक्स पर लिखा, "मोदी सरकार कई क्रांतिकारी प्रयासों के माध्यम से युवाओं की रचनात्मक क्षमता का सदुपयोग करते हुए भारत के विकास को गति प्रदान कर रही है। कामना है कि यह दिवस उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बने, ताकि वे इन अवसरों का लाभ उठाकर महानता की ओर हमारी यात्रा को और अधिक गति प्रदान कर सकें।"

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. अब्दुल कलाम के कुशल नेतृत्व में 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह दिन भारत की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मविश्वास का परचम लहराने का प्रतीक है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वैज्ञानिकों की अटूट निष्ठा और नवाचार की शक्ति को विकसित भारत के संकल्प की सबसे बड़ी शक्ति बताया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस अवसर पर देश के वैज्ञानिकों को नमन किया और विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर प्रगति का विश्वास व्यक्त किया।

पोखरण-2 का ऐतिहासिक महत्व

1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्नों की श्रेणी में स्थापित किया। यह परीक्षण भारत की आत्मनिर्भरता, वैज्ञानिक दक्षता और रणनीतिक सामर्थ्य का प्रमाण था। इसके बाद से, भारत ने चंद्रयान, मंगलयान जैसे अंतरिक्ष मिशनों से लेकर अन्य तकनीकी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

भविष्य की ओर नज़र

गौरतलब है कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर दिए गए इन संदेशों में भारत के तकनीकी विकास, युवा पीढ़ी को प्रेरित करने और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करने का संदेश निहित है। आने वाले वर्षों में भारत की तकनीकी यात्रा इन वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के समर्पण पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं भारत की विनिर्माण क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता अभी भी बहुत कुछ चाहती है। सेमीकंडक्टर से लेकर उन्नत रक्षा प्रणालियों तक, भारत अभी भी आयात पर निर्भर है। AI और डिजिटल क्षेत्र में भारत की ताकत है, लेकिन हार्डवेयर निर्माण में अभी एक लंबा रास्ता बाकी है। यह दिवस उस अंतर को पाटने की जरूरत को रेखांकित करता है — सिर्फ अंतरिक्ष मिशनों की सफलता से नहीं, बल्कि घरेलू उद्योग को तकनीकी रूप से सशक्त करने से।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस क्या है और इसे कब मनाया जाता है?
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत में हर साल 11 मई को मनाया जाता है, जो 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत की वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और रणनीतिक सामर्थ्य का प्रतीक है।
पोखरण-2 परमाणु परीक्षण का क्या महत्व है?
पोखरण-2 परमाणु परीक्षण 1998 में भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्रों की श्रेणी में स्थापित करने वाली ऐतिहासिक घटना थी। यह भारत की आत्मनिर्भरता, वैज्ञानिक दक्षता और सामरिक आत्मविश्वास का प्रमाण था, और इसके बाद भारत ने चंद्रयान, मंगलयान जैसे अंतरिक्ष मिशनों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
ओम बिरला ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर क्या संदेश दिया?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि भारत चंद्रयान, मंगलयान से लेकर गगनयान, सेमीकंडक्टर से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा उत्पादन से लेकर परमाणु ऊर्जा तक आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के नए युग की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अमित शाह का राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर संदेश क्या था?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार क्रांतिकारी प्रयासों के माध्यम से युवाओं की रचनात्मक क्षमता का सदुपयोग करते हुए भारत के विकास को गति प्रदान कर रही है, और यह दिवस युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
भारत के अन्य तकनीकी मिशनों में कौन-कौन से हैं?
भारत ने चंद्रयान (चंद्रमा मिशन), मंगलयान (मंगल मिशन) और गगनयान (मानव अंतरिक्ष मिशन) जैसे महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन सफलतापूर्वक संचालित किए हैं। ये मिशन भारत की तकनीकी क्षमता और वैज्ञानिक दक्षता का प्रमाण हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले