राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर ओम बिरला, अमित शाह समेत नेताओं ने वैज्ञानिकों को दीं बधाइयाँ
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 11 मई। 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों को 28 साल पूरे हो गए हैं। इसी ऐतिहासिक दिन को हर वर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, गृह मंत्री अमित शाह, संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई शीर्ष राजनेताओं ने देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को शुभकामनाएँ दीं।
ओम बिरला का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "11 मई 1998, वह ऐतिहासिक दिन, जब पोखरण (राजस्थान) की धरती से भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता, आत्मविश्वास और सामरिक शक्ति का परिचय कराया। पोखरण-2 परमाणु परीक्षण आत्मनिर्भर, सशक्त और निर्णायक भारत के उदय की घोषणा थी।" उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई और सुरक्षा, संप्रभुता व तकनीकी सामर्थ्य को मजबूती प्रदान की।
बिरला ने आगे लिखा, "चंद्रयान, मंगलयान से लेकर गगनयान, सेमीकंडक्टर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा उत्पादन से लेकर परमाणु ऊर्जा तक, भारत आज आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के नए युग की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।"
अमित शाह का संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तकनीकी विशेषज्ञों और तकनीक-प्रेमी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, "मोदी सरकार कई क्रांतिकारी प्रयासों के माध्यम से युवाओं की रचनात्मक क्षमता का सदुपयोग करते हुए भारत के विकास को गति प्रदान कर रही है।" उन्होंने कामना व्यक्त की कि यह दिवस प्रेरणा का स्रोत बने ताकि युवा इन अवसरों का लाभ उठाकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे सकें।
अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रिया
संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मिसाइल मैन डॉ. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में 1998 के परमाणु परीक्षण को रेखांकित किया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की वैज्ञानिक क्षमता, सामर्थ्य और आत्मविश्वास को दर्शाते हुए वैज्ञानिकों के समर्पण और अमूल्य योगदान को नमन किया।
राज्य स्तर की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "आपकी अटूट निष्ठा और नवाचार की शक्ति से ही भारत आज वैश्विक तकनीकी जगत में नए आयाम स्थापित कर रहा है।" बिहार के राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने इस दिवस को देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया, और विश्वास व्यक्त किया कि भारत विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करेगा।
ऐतिहासिक महत्व
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का आयोजन 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण की सफलता को चिह्नित करने के लिए किया जाता है, जिसे भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी सामर्थ्य का एक मील का पत्थर माना जाता है। यह दिवस युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को नवाचार और अनुसंधान में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।