मराठा आरक्षण: रोहित पवार बोले — जरांगे पाटिल से बातचीत ज़रूरी, सरकार समय रहते निकाले हल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 15 सितंबर 2026 को नागपुर में मराठा आरक्षण आंदोलन, दिशा सालियान मामले में सीबीआई की नई एफआईआर, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और मंत्री नितेश राणे के विवादास्पद बयानों सहित कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरा। पवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल से संवाद स्थापित करना सत्तारूढ़ सरकार की सबसे पहली ज़िम्मेदारी है।
जरांगे पाटिल के मुंबई कूच पर पवार की चेतावनी
मनोज जरांगे पाटिल के मंगलवार को 'मुंबई कूच' करने के ऐलान पर रोहित पवार ने कहा, 'सत्ता में बैठे लोगों के लिए यह बेहद ज़रूरी है कि वे आंदोलनकारियों से संवाद करें — चाहे वह जरांगे पाटिल हों या कोई अन्य व्यक्ति जो उपवास या विरोध प्रदर्शन कर रहा हो। बातचीत के ज़रिए ही हर समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्यवश इस मुद्दे पर अब तक कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है, और यही कारण है कि जरांगे पाटिल ने मुंबई की ओर कूच करने का निर्णय लिया। पवार ने सुझाया कि मंत्री रास्ते में ही आंदोलनकारियों से मुलाकात करें और सर्वसम्मति से समाधान तलाशें। यह ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण की मांग लंबे समय से अनसुलझी बनी हुई है।
दिशा सालियान मामले में सीबीआई एफआईआर पर प्रतिक्रिया
बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिशा सालियान मौत प्रकरण में नई एफआईआर दर्ज की है, जिसमें कई चर्चित नामों और उनकी कथित भूमिका की जाँच की माँग की गई है। दिशा सालियान, दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर थीं, जिनकी 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊँची इमारत से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।
इस एफआईआर में बड़े नामों के शामिल होने पर रोहित पवार ने कहा, 'पिछली बार सुशांत सिंह राजपूत का मामला उठाया गया था और आदित्य ठाकरे का नाम लाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। हम सभी को लगता है कि इस मामले में भी क्लीन चिट दी जाएगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से नेताओं के नाम जानबूझकर शामिल किए जाते हैं क्योंकि मीडिया ट्रायल होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सीबीआई ने जानबूझकर आदित्य ठाकरे का नाम लिया है, तो 2029 के चुनाव पहले भी हो सकते हैं।
यूसीसी पर पवार: महिला सुरक्षा ज़्यादा ज़रूरी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लाने की बात पर रोहित पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'इस विषय से कहीं ज़्यादा ज़रूरी राज्य में सुरक्षा की स्थिति है। आज महिलाओं को रास्ते पर चलते हुए भी डर लगता है। रात में कोई बाहर नहीं निकल रहा। ऐसी स्थिति में अगर बात करनी है तो महिला सुरक्षा की बात करें।' उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यूसीसी के ज़रिए मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का काम हो रहा है।
नितेश राणे के बयान पर कड़ी टिप्पणी
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने खाद्य सुरक्षा और मिलावट के मुद्दे पर एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे को चुनौती दी थी कि वे मुंबई के हाजी अली जूस सेंटर और 'बड़े मियां' जैसे प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करें। इस पर रोहित पवार ने तंज कसते हुए कहा, 'जो बयान दिए जाते हैं, उन्हें सरकार तो गंभीरता से ले सकती है, लेकिन आम लोग नहीं लेते। ये बयान महज राजनीतिक लाभ के लिए दिए जाते हैं।' आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान ध्यान भटकाने की रणनीति का हिस्सा हैं।
आगे क्या होगा
मराठा आरक्षण आंदोलन के तेज़ होने के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। जरांगे पाटिल का मुंबई कूच और सरकार की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है। रोहित पवार ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष सरकार को इस मामले में जवाबदेह बनाता रहेगा।