क्या परिणय फूके ने जरांगे पाटिल पर संविधान की समझ नहीं होने का आरोप लगाया?

सारांश
Key Takeaways
- जरांगे पाटिल का आंदोलन मराठा समाज के लिए विवादास्पद है।
- संविधान की सही समझ आवश्यक है।
- भाजपा का दावा है कि मराठा समाज को आरक्षण नहीं मिलेगा।
नागपुर, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सामाजिक कार्यकर्ता जरांगे पाटिल द्वारा एक बार फिर मराठा मोर्चा आयोजित करने के दावे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता परिणय फूके ने सोमवार को कटाक्ष किया। उन्होंने जरांगे पाटिल को संविधान की समझ की कमी का आरोप लगाया।
भाजपा नेता परिणय फूके ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "जरांगे पाटिल को संविधान का सही ज्ञान नहीं है। उन्होंने संविधान को पढ़ा नहीं है। उन्हें संविधान की कोई समझ नहीं है। हमें जो ओबीसी आरक्षण प्राप्त हुआ है, वह संविधान के अंतर्गत है। संविधान में यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है कि कौन सी जातियाँ ओबीसी में शामिल होंगी और कौन नहीं।"
उन्होंने आगे कहा, "मराठा समाज को पहले ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने EWS के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। किसी भी स्थिति में मराठा समाज को ओबीसी में आरक्षण नहीं मिल सकता है। जरांगे पाटिल का आंदोलन केवल मराठा समाज और इसके युवाओं को भ्रमित करने वाला है। पहले जितने बड़े आंदोलन मराठा समाज के लिए हुए हैं, अब उतने बड़े आंदोलन नहीं होंगे।"
भाजपा नेता ने कहा, "मराठा समाज अब जान चुका है कि जरांगे पाटिल का उद्देश्य मराठा समाज को आरक्षण देना नहीं है। कुछ लोग मराठी युवाओं को भड़काकर महाराष्ट्र की सुव्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें केवल राजनीतिक लाभ चाहिए, इसलिए वे आंदोलन कर रहे हैं।"
बिहार के मुख्यमंत्री के चेहरे पर राहुल गांधी की चुप्पी पर परिणय फूके ने तंज कसा। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जानते हैं कि बिहार में भाजपा और नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) का ही सीएम बनने वाला है, इसलिए उन्होंने कांग्रेस या राजद के किसी भी नेता का नाम नहीं लिया। उन्हें पता है कि बिहार में एनडीए का ही सीएम बनेगा।"