अभियंता दिवस 2026: योगी आदित्यनाथ समेत 8 मुख्यमंत्रियों ने भारत रत्न विश्वेश्वरैया को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर 15 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने देश के इंजीनियरों को बधाई दी और 'भारत रत्न' डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को डॉ. विश्वेश्वरैया की जन्मतिथि के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जाता है, जो आधुनिक भारत के सबसे प्रतिष्ठित अभियंताओं में गिने जाते हैं।
मुख्यमंत्रियों के संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'आधुनिक भारत के निर्माण को अपनी प्रतिभा, तकनीकी कौशल और राष्ट्रसेवा से नई दिशा देने वाले महान अभियंता, भारत रत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैया की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। आपकी मेधा से आकार लेता नया भारत ही विश्वेश्वरैया के स्वप्नों को सच्ची श्रद्धांजलि है।'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पोस्ट में कहा, 'डॉ. विश्वेश्वरैया ने अपनी प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और समर्पण से राष्ट्र निर्माण में जो योगदान दिया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर कहा, 'आपके तकनीकी दक्षता और दूरदर्शी सोच से भारत विकास के नए शिखरों को स्पर्श कर रहा है।'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. विश्वेश्वरैया के इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, जल प्रबंधन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में योगदान को रेखांकित किया और उन्हें 'अतुलनीय प्रेरणास्रोत' बताया।
दिल्ली और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में कहा, 'भारत के नवनिर्माण को नई दिशा देने वाले महान अभियंता एवं भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।' महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें 'इंजीनियरिंग के जनक' कहते हुए उनकी स्थायी विरासत को नमन किया।
अरुणाचल और आंध्र प्रदेश के नेताओं की बात
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने एक्स पर लिखा कि डॉ. विश्वेश्वरैया की जल प्रबंधन, बांध डिज़ाइन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में प्रतिभा ने आधुनिक भारत की नींव रखी। उन्होंने याद दिलाया कि डॉ. विश्वेश्वरैया को 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने एक्स पर जारी बयान में कहा, 'प्रगति की हर बड़ी उपलब्धि के पीछे एक ऐसी सोच होती है जिसने उसकी कल्पना की और एक ऐसा इंजीनियर होता है जिसने उसे साकार किया।' उन्होंने डॉ. विश्वेश्वरैया को 'दूरदर्शी इंजीनियर और राष्ट्र-निर्माता' बताया और कहा कि इंजीनियरिंग का अर्थ केवल संरचनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाधान खोजना और राष्ट्र के भविष्य को आकार देना है।
डॉ. विश्वेश्वरैया की विरासत
डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को हुआ था। वे भारत के उन महानतम अभियंताओं में से एक हैं जिन्होंने देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी — विशेषकर मैसूर राज्य में बाँध निर्माण, सिंचाई प्रणाली और जल प्रबंधन के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय माना जाता है। उनकी सेवाओं के सम्मान में भारत सरकार प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती को राष्ट्रीय अभियंता दिवस के रूप में मनाती है।
इस वर्ष देश भर के नेताओं की भागीदारी दर्शाती है कि तकनीकी शिक्षा और इंजीनियरिंग के प्रति राष्ट्रीय सम्मान की भावना अटूट बनी हुई है। आने वाले वर्षों में यह दिवस नई पीढ़ी के अभियंताओं को प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनता जा रहा है।