रामप्रसाद बिस्मिल जयंती पर ओम बिरला, राजनाथ सिंह, अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
11 जून को अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर देशभर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इस महान क्रांतिकारी को नमन किया। सभी नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी श्रद्धांजलि साझा की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर लिखा, "भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रभक्त और अमर बलिदानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। पंडित रामप्रसाद बिस्मिल उन महान विभूतियों में थे जिन्होंने अपने विचारों, लेखनी और साहसिक कार्यों से स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की।" बिरला ने आगे जोड़ा कि काकोरी कांड में बिस्मिल की निर्णायक भूमिका ने ब्रिटिश शासन की नींव को चुनौती दी और स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।
रक्षा मंत्री और गृह मंत्री की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, "भारत की स्वतंत्रता के लिए अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने वाले अमर क्रांतिकारी, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि और कोटि-कोटि नमन।" उन्होंने कहा कि बिस्मिल का समर्पण और बलिदान आज भी युवाओं को एक सशक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला देने वाले बिस्मिल का स्वाधीनता-संकल्प अंग्रेजों की यातनाओं से भी नहीं डिगा। शाह ने कहा, "युवाओं को संगठित कर मां भारती की आजादी के लिए प्रेरित करने वाले बिस्मिल की रचनाओं को पढ़कर आज भी रोम-रोम राष्ट्रप्रेम से भर उठता है।"
शिक्षा मंत्री और भाजपा अध्यक्ष का नमन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बिस्मिल ने क्रांतिकारी चेतना को जन-जन तक पहुँचाया और युवाओं के मन में स्वाधीनता का संकल्प जगाया। उन्होंने बिस्मिल के जीवन को "राष्ट्र के प्रति समर्पण, आत्मोत्सर्ग और अटूट साहस का अनुपम उदाहरण" बताया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बिस्मिल का जीवन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रेरणादायक अध्याय है, "जिसने असंख्य देशवासियों के भीतर राष्ट्रप्रेम की अलख प्रज्वलित की।"
रामप्रसाद बिस्मिल: एक संक्षिप्त परिचय
गौरतलब है कि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अग्रणी क्रांतिकारियों में से थे जिन्होंने अपनी लेखनी और कर्म दोनों से ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी। 9 अगस्त 1925 को हुए काकोरी ट्रेन एक्शन में उनकी केंद्रीय भूमिका रही, जिसके बाद ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर 19 दिसंबर 1927 को फाँसी दी। बिस्मिल एक कवि भी थे और उनकी रचनाएँ आज भी देशप्रेम की भावना जगाती हैं। यह ऐसे समय में है जब देश अपने स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के प्रयास तेज कर रहा है।