बलिदान दिवस पर भगवान बिरसा मुंडा को नमन: अमित शाह, राजनाथ सिंह और कई मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
9 जून को भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 'धरती आबा' को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष को याद किया। देशभर के नेताओं ने एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए बिरसा मुंडा को जनजातीय स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया।
अमित शाह का संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि भगवान बिरसा मुंडा 'जनजातीय स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के अमर प्रतीक' हैं। शाह ने कहा कि बिरसा मुंडा ने 'उलगुलान आंदोलन' के माध्यम से अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आज़ादी का शंखनाद किया और आदिवासी समाज को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित किया। उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध बिरसा मुंडा के संघर्ष को करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने स्वाधीनता के लिए अंतिम साँस तक लड़ते हुए जनजातीय समाज को जागृत किया और विदेशी शासन, अन्याय तथा शोषण के विरुद्ध जनचेतना को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का अदम्य साहस और त्याग आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा का संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि बिरसा मुंडा ने जल-जंगल-जमीन की रक्षा और राष्ट्र की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया और जनजातीय समाज की अस्मिता एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर संघर्षशील रहे।
उत्तराखंड, बिहार और महाराष्ट्र के नेताओं ने भी किया नमन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का संदेश आज भी अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए प्रेरणा देता है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर झारखंड में मुंडा आंदोलन के जनक तथा आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले बिरसा मुंडा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
भगवान बिरसा मुंडा: संक्षिप्त परिचय
गौरतलब है कि भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ था और मात्र 25 वर्ष की आयु में 9 जून 1900 को उनका निधन हो गया। उन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और ज़मींदारी व्यवस्था के विरुद्ध 'उलगुलान' (महाविद्रोह) का नेतृत्व किया। उनकी जयंती 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाई जाती है। उनके बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
इस वर्ष के बलिदान दिवस पर देश के शीर्ष नेताओं की एकजुट श्रद्धांजलि यह रेखांकित करती है कि जनजातीय अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत का मुद्दा राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में बना हुआ है।