वाशिम के मोर्णा तालाब में मिले 5 दिन से लापता युवक-युवती के शव, मौत की वजह जांच में
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के वाशिम जिले के मालेगांव तालुका स्थित गोकसावंगी शिवार के ऊर्ध्व मोर्णा तालाब से 19 अगस्त को दो युवाओं के शव बरामद हुए, जो 14 अगस्त से लापता थे। इस खोज से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और मालेगांव पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान 26 वर्षीय महादेव निंबालकर और 19 वर्षीय निकीता कांबले के रूप में हुई है। दोनों गोकसावंगी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। परिजनों ने 14 अगस्त को ही दोनों के लापता होने की शिकायत मालेगांव पुलिस थाने में दर्ज कराई थी।
शव कैसे मिले
अधिकारियों के अनुसार, तालाब में मछली पकड़ने गए कुछ स्थानीय लोगों की नज़र दोनों के शवों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस दल मौके पर पहुँचा और शवों को बाहर निकाला। यह ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों के परिजन पाँच दिनों से उनकी तलाश में थे।
मौत का कारण अभी अज्ञात
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों की मौत हत्या है या आत्महत्या। पुलिस के अनुसार मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी। मालेगांव पुलिस ने सभी संभावनाओं को खुला रखते हुए जांच जारी रखी है।
महाराष्ट्र में एक और हिंसक घटना
गौरतलब है कि इसी दौरान महाराष्ट्र के सांगली जिले के कुपवाड़ इलाके में पड़ोसियों के बीच दरवाजे पर कचरा फेंकने को लेकर हुए विवाद ने हत्या का रूप ले लिया। आरोपी फरीद अब्दुल शेख ने कथित तौर पर मनीषा मोहन केसरकर और उनके पति मोहन केसरकर पर जानलेवा हमला किया। इस हमले में मनीषा केसरकर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मोहन केसरकर को मिराज सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ मंगलवार को उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
परिजनों की माँग और आगे की कार्रवाई
सांगली की घटना के बाद मिराज सरकारी अस्पताल में रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने माँग की है कि इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में बिना किसी देरी के मुकदमा चलाया जाए और दोषी को मृत्युदंड दिया जाए। वाशिम मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा तय होने की उम्मीद है।